फार्मेसी में लगेगा एडवांस क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, दो दिन का ट्रायल सफलतापूर्वक हुआ पूरा
प्रशांत दीक्षित
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की फार्मेसी में टोकन सिस्टम से दवा दी जाएगी। इसके शुरू होने से अस्पताल की फार्मेसी में लगने वाली भीड़ से मरीज और तीमारदारों को छुटकारा मिलेगा। अभी अस्पताल की फार्मेसी में 18 दवा काउंटर है। उसमें से एक काउंटर 24 घंटे खुलता है। उसके बावजूद फार्मेसी में भीड़ रहती है। इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन फार्मेसी में एडवांस क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लगवाएगा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की फार्मेसी में मरीजों की सुविधा के लिए एडवांस क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। अभी तक क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधा सिर्फ अस्पताल की ओपीडी में थी। जिससे विभिन्न जगह लगी स्क्रीन पर टोकन नंबर ही लिखकर आता था। लेकिन फार्मेसी में लगने वाला क्यू मैनेजमेंट सिस्टम एडवांस लेवल का होगा। जो मरीज का टोकन नंबर के साथ स्क्रीन पर नाम भी दिखाएगा। उसके साथ ही अस्पताल के वेटिंग हॉल में मरीज के नाम और टोकन नंबर का अनाउंसमेंट करेगा। इस सुविधा के शुरू होने से दवा काउंटर पर पांच लोग ही खड़े होंगे।
इससे मरीजों और साथ आए तीमारदारों को ज्यादा देर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। वह वेटिंग हॉल में बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार कर सकेंगे। इससे दवा काउंटरों पर लगने वाली भीड़ खत्म हो जाएगी। एडवांस क्यू मैनेजमेंट सिस्टम का अस्पताल की फार्मेसी में दो दिन का सफलतापूर्वक ट्रायल हो चुका है। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने सिस्टम लगाने के लिए विभाग से परमिशन मांगी है। जहां से परमिशन मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन फार्मेसी में एडवांस क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लगवाएगा। अभी अस्पताल की फार्मेसी में कुल 18 दवा काउंटर संचालित हो रहे है।
24 घंटे खुला रहता है एक दवा काउंटर
ईएसआईसी की ओपीडी में प्रतिदिन उपचार के लिए तीन हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। उस कारण दवा काउंटरों पर भारी भीड़ रहती है। उस भीड़ को देखते हुए चार दवा काउंटर कुछ समय पहले ही शुरू किए गए हैं। उसमें से एक दवा काउंटर 24 घंटे खुला रहता है। इसके साथ ही हेल्प काउंटर और आधार कार्ड अपडेट काउंटर भी शुरू किया गया है। ईएसआई कार्ड में बीमित व्यक्ति का कई बार आधार कार्ड अपडेट नहीं होता है लेकिन वह अस्पताल में आ जाता हैं। जहां आधार कार्ड अपडेट नहीं होने की वजह को उपचार नहीं मिलता है। ऐसे लोगों की मदद के लिए काउंटर बनाया गया है।