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बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल में नहीं है आईसीयू की सुविधा

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बल्लभगढ़। कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना बनी हुई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा देने के लिए बनाए गए अस्पताल में अब भी स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी हैं। बल्लभगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल में दूसरी लहर में नए सिरे से ओपीडी केंद्र बनाया गया, लेकिन आज भी स्थिति यह है कि यहां आईसीयू की सुविधा नहीं है। ऐसे में गंभीर रोगियों को बीके सिविल अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
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2017 में सिविल अस्पताल में लोगों के बेहतर इलाज के लिए एम्स की शाखा का ओपीडी केंद्र बनाया गया था। आपातकाल कक्ष में मरीजों के लिए 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या हर करीब 500 है। बावजूद इसके आधारभूत सुविधाओं का टोटा है। यहां पर गंभीर रोगियों के लिए आईसीयू नहीं बन सका। ऐसे में कोविड का प्रकोप बढ़ने पर लोगों को जान मुसीबत में पड़ने की उम्मीद है। अस्पताल में मरीज की हालत गंभीर होने पर उसको जान बचाने के लिए जिले के बीके अस्पताल में जाना पड़ता है। वहीं, अस्पताल में अब मरीजों को संख्या भी बढ़ने लगी है, लेकिन व्यवस्थाएं भी कम हो गई हैं। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
वर्जन-
दिल्ली एम्स की ओर से ओपीडी संचालित की गई है। जो सुविधाएं एम्स द्वारा दी जा रही हैं, अस्पताल में वही रोगियों को मिल रही है। आईसीयू बेड की व्यवस्था एम्स की ओर से नहीं की गई है, ऐसे में रोगियों को वह सुविधा नहीं दी जा सकती है। - डॉ. डीसी गिडवाल, एसएमओ बल्लभगढ़ अस्पताल
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