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Faridabad News: ट्रिब्यूनल ने ड्राइवर को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया

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बीमा कंपनी को मुआवजा देने का निर्देश दिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। छह साल पहले हुए सड़क हादसे में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने कहा है कि याचिकाकर्ता के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और एफआईआर भरोसेमंद हैं और इन्हीं के आधार पर दुर्घटना को लापरवाह ड्राइविंग का परिणाम माना गया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने गौरव नागर के बयान को सुसंगत और विश्वसनीय माना। साथ ही मानवता अस्पताल, बल्लभगढ़ के मेडिकल रिकॉर्ड और चोटों से संबंधित दस्तावेजों ने भी हादसे की पुष्टि की। कोर्ट ने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी को परिस्थितियों के अनुसार उचित रूप से समझाया गया है। अदालत ने पाया कि प्रतिवादी पक्ष अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इस पर कोर्ट ने ड्राइवर के खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाते हुए उसे दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया।
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वहीं, वाहन मालिक कौशल शर्मा और बीमा कंपनी को भी पक्षकार बनाया गया था। अदालत ने पाया कि वाहन बीमित था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था, इसलिए बीमा कंपनी को ही मुआवजा देने का निर्देश दिया गया। ट्रिब्यूनल ने घायल को कुल 1,33,200 रुपये मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया। यह फैसला चार मई को सुनाया गया।
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मामले में याचिकाकर्ता गौरव नागर (24) निवासी तिगांव ने दावा किया कि 30 अप्रैल 2018 की शाम करीब 6:30 बजे वह बाटा चौक, एनआईटी फरीदाबाद पर अपनी मोटरसाइकिल के पास खड़ा था। इसी दौरान योगेश शर्मा द्वारा चलाई जा रही कार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
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