फरीदाबाद। मूक बधिर सहित दूसरे समुदाय के लोगों के धर्मांतरण मामले के तार जिले से भी जुड़ने लगे हैं। इसको लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस की दो टीमें जिले में घूमकर जानकारी एकत्रित कर रही हैं। रविवार को दोनों टीमें एनआईटी पांच इलाके में पहुंची और एक महिला से पूछताछ की। महिला ने करीब पांच साल पहले एक मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह किया था।
रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दो इनोवा गाड़ी में टीम के सदस्य एम ब्लॉक स्थित महिला के घर में पहुंचे और पूछताछ शुरू की। टीम के पास तीन रजिस्टर थे, जिसमें महिला सहित अन्य लोगों की पूरी जानकारी थी। एटीएस के एक अधिकारी ने रजिस्टर में दर्ज जानकारी से महिला के नाम व पते का मिलान किया और उससे उसकी शादी के बारे में जानकारी ली। महिला ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसने एक मुस्लिम युवक के साथ प्रेम विवाह किया था। शरीयत कोर्ट में पंजीकरण के बावजूद वह अपने पति के साथ नहीं रही। चार साल बाद साल 2020 में उसने शरीयत कोर्ट में ही युवक से तलाक ले लिया। इस दौरान वह एनआईटी पांच स्थित अपने घर पर ही थी। जांच टीम ने शादी के लिए महिला पर युवक की तरफ से कोई दबाव या आर्थिक प्रलोभन देने के बारे में भी सवाल जवाब किए। लेकिन महिला ने कहा कि वह पिछली बातों का जिक्र नहीं करना चाहती। एक साल से उसका अपने पूर्व पति से कोई संपर्क नही है। करीब बीस मिनट की पूछताछ के बाद टीम वापस चली गई।
शरीयत कोर्ट में शादी के आधार पर महिलाओं से पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक टीम के पास शरीयत कोर्ट में पिछले दस सालों में हुई शादियों का रिकार्ड है। जिसमें दूसरे धर्म के युवक-युवतियों के डाटा हैं। इसके बाद टीम ने शहर के अन्य लोगों से भी पूछताछ की। शहर के एक कॉलेज की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध है। टीम को शक है इस कॉलेज में भी धर्मांतरण से जुड़े मामलों के सेमिनार आयोजित हुए हैं। हालांकि टीम अभी कॉलेज में पूछताछ के लिए नहीं गई है। सूत्रों के मुताबिक एनआईटी स्थित मूक बधिर स्कूल के अध्यापकों से भी टीम ने पूछताछ की है। वहां पढ़ने वाले एक युवक का धर्म परिवर्तन कराया गया था। बाबूपुर निवासी 21 वर्षीय युवक के सर्टिफिकेट से छेड़छाड़ के बाद मामला प्रकाश में आया था। इन बच्चों को आईटीआई व कंप्यूटर क्लास के नाम पर नोएडा के एक स्कूल में एकत्रित किया जाता था। टीम वहां भी पूछताछ कर चुकी है।