अमृतसर स्वर्ण मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल भेजने का मामला, पुलिस कर रही पूछताछ
फरीदाबाद के मकान पर ताला लगाकर परिवार गया हुआ है पंजाब
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल भेजने में पकड़े गए फरीदाबाद के सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभम दूबे के डार्क वेब के जरिये अन्य लोगों के संपर्क में आने का अंदेशा है। उससे जब्त किए गए लैपटॉप व मोबाइल की जांच साइबर थाने की टेक्निकल टीम कर रही है। पूछताछ के लिए आरोपी को पंजाब पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। उसके डार्क वेब के जरिये अन्य साइबर अपराधियों के संपर्क में आने का अंदेशा इसलिए भी अधिक है कि वो दो महीने से नौकरी नहीं कर रहा था। साथ ही सॉफ्टवेयर डेवलप करने में वो एक्सपर्ट था।
वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को शुक्रवार रात फिर से स्वर्ण मंदिर परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल आई है। ऐसा तब हुआ है जब शुभम दूबे पुलिस की गिरफ्त में था। इससे स्पष्ट है कि शुभम दूबे का आईपी एड्रेस प्रयोग कर पहले भी तीन दिन तक ईमेल भेजी गई। ये ईमेल भेजने वाले शुभम की गिरफ्तारी के बाद भी थम नहीं रहे और लगातार धमकी भरी ईमेल भेज रहे हैं।
जवाहर कॉलोनी की गली नंबर 24 में आरोपी शुभम दूबे के मकान पर शनिवार दोपहर अमर उजाला की टीम पहुंची तो यहां ताला लगा हुआ मिला। पड़ोस के अन्य लोगों से पूछताछ की गई तो कोई इस बारे में ज्यादा बात करने को तैयार नहीं हुआ। एक पड़ोसी ने बताया कि परिवार के लोग शुक्रवार को ही यहां से पंजाब चले गए हैं। इसी कारण घर पर ताला लगा हुआ है।
अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को 14, 15 व 16 जुलाई को ईमेल भेजकर दरबार साहिब को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। लगातार तीन दिन तक आई धमकी भरी ईमेल में गुरुद्वारा परिसर के अलग-अलग हिस्से को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। अमृतसर साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। ईमेल सोर्स के जरिये टीम फरीदाबाद पहुंची और शुभम दूबे को काबू किया। अदालत में पेश कर शुभम को तीन दिन के रिमांड पर लेकर टीम अब पूछताछ कर रही है।