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जिले में लिंगानुपात गिरा, प्रदेश में 17वें नंबर पर

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फरीदाबाद (मनोज धर द्विवेदी)। कोरोना काल में जिले में लिंगानुपात सुधार कार्यक्रम पर प्रभाव पड़ा है। आशा वर्कर्स समेत अन्य की ड्यूटी कोरोना से जुड़े कार्यक्रम में लगने से पिछले साल की अपेक्षा इस साल जुलाई तक इसमें गिरावट आई है। पिछले साल औसत लिंगानुपात 915 रहा था, जबकि इस साल जुलाई तक 893 है। इसमें फरीदाबाद जिला प्रदेश में 17वें स्थान पर आ गया है।
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जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग कदम उठा रहा है। इसके लिए पीएनडीटी के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस साल तीन अवैध भ्रूण जांच के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम दिल्ली में छापा मारकर दो लोगों को पकड़ा था। इसके अलावा गांवों में भी आशा वर्कर्स को नजर रखने की हिदायत दी गई है।
सीएमओ डॉ. विनय गुप्ता ने कहा कि भ्रूण जांच करने वालों पर नजर रखी जा रही है। कोरोना काल में लिंगानुपात पर प्रभाव पड़ा है। इसके सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इस साल जुलाई तक लिंगानुपात का स्तर अप्रत्याशित रूप से गिरा है। गांवों में आशा वर्कर्स कोरोना संदिग्धों की जांच समेत अन्य कार्यों में लगी रही थीं। डॉक्टरों का ध्यान भी कोरोना महामारी पर ही रहा। इससे पीएनडीटी के तहत छापा मारने का काम कम हुआ। इससे भी लिंगानुपात पर असर पड़ा।
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2015 के बाद से होता रहा है सुधार
जिले में साल 2015 में लिंगानुपात 887 था। उसी साल पानीपत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जंग का ऐलान किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने भी काफी प्रयास किया। जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। साल 2016 में जिले में लिंगानुपात 896 व साल 2017 में 901 पर पहुंच गया। वहीं, साल 2018 में यह आंकड़ा 916 पर पहुंच गया। साल 2019 में 919 व साल 2020 में 915 रहा। इस साल जनवरी से जुलाई तक जिले में 11,220 लड़के व 10,014 लड़कियां पैदा हुईं। औसत लिंगानुपात 893 रहा। हालांकि प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा इस दौरान फरीदाबाद में गिरावट दर्ज की गई। पड़ोसी जिला पलवल का लिंगानुपात 900 के पार है।
प्रदेश के जिलों की स्थिति (जनवरी से जुलाई तक)
जिला लिंगानुपात
रोहतक 961
पानीपत 933
जींद 927
चरखी दादरी 923
पंचकूला 920
सिरसा 915
नूंह 910
महेंद्रगढ़ 909
हिसार 909
पलवल 907
कुरूक्षेत्र 905
यमुनानगर 904
गुरुग्राम 902
रेवाड़ी 900
कैथल 898
अंबाला 897
फरीदाबाद 893
भिवानी 892
सोनीपत 885
वर्जन-
जिले में लिंगानुपात का स्तर पिछले साल 900 के पार था। इस साल गिरावट दर्ज की गई है। भ्रूण जांच करने वालों पर टीमें नजर रख रही हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी जांच की जा रही है। - डॉ. विनय गुप्ता, सीएमओ
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