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दूसरा सीरो सर्वे बताएगा, आखिर कितना पसरा कोरोना

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फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। औद्योगिक नगरी में सोमवार व मंगलवार को दो दिवसीय सीरो सर्वे कराया जाएगा। इस दौरान जिले के 16 कलस्टर में संक्रमण प्रतिरक्षी सैंपलिंग की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर देखा जाएगा आखिर जिले में संक्रमण की रफ्तार व विस्तार कितनी है। इसके लिए 12 ग्रामीण व चार शहरी कलस्टर चयनित किए गए हैं।
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सीरो सर्वे-1 में प्रदेश के अन्य 21 जिलों के मुकाबले फरीदाबाद की सबसे अधिक 22 फीसदी ग्रामीण सैपंलिंग आबादी संक्रमण की जद में मिली थी। अन्य जिलों में यह दर 10 फीसदी से अधिक नहीं थी। ऐसे में जिले के सीरो सर्वे-2 में 16 कलस्टर में से 12 ग्रामीण रखे गए हैं। पहले सीरो सर्वे के बाद जिले में कई स्तर पर सुधार के प्रयास किए गए हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर भी सीरो सर्वे की रिपोर्ट में जून माह में ही चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। इसे चेतावनी की तरह लिया जाता तो शायद जिले में संक्रमण की रफ्तार और विस्तार पर समय से अंकुश लग जाता।
दो दिन संवेदनशील इलाकों में चलेगा
स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीम दो दिनों के दौरान 720 सैंपल लेगी। शहरी कलस्टर में 288 सैपल और ग्रामीण कलस्टर में 432 सैंपल लिए जाएंगे। ग्रामीण कलस्टर में धौज, सिरोही, पावटा, मोहबताबाद, खेड़ीकलां, महावतपुर, नचौली, दयालपुर, शाहपुरकलां, चंदावली, कौराली, चांदपुर और बदरौला को शामिल किया गया है। शहरी कलस्टर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदर्श नगर, सारन, भीम बस्ती और मेवला को शामिल किया गया है।
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सीरो सर्वे-1:
संक्रमितों का गढ़ बन चुका है फरीदाबाद: प्रदेश स्तर पर सीरो सर्वे-1 अगस्त में कराया गया था। रिपोर्ट में 25.8 प्रतिशत लोगों में एंडीबॉडी की पुष्टि के साथ फरीदाबाद प्रदेश में टॉप पर था। रिपोर्ट से सीधे ही न सिर्फ जिले में संक्रमण रफ्तार का पता चला, बल्कि यह भी जानकारी मिली कि पूरे प्रदेश में सबसे अधिक संक्रमित जिले में ही हैं। ज्यादातर लोगों को यह भी नहीं पता कि वह संक्रमण की चपेट में हैं। इस सर्वे के दौरान संजय कालोनी, कौराली, तिगांव, खेड़ीकलां व पाली में 22 कलस्टर बनाए गए थे। तीन दिवसीय सीरो सर्वे-1 में 809 लोगों के रक्त के सैंपल लिए गए थे।
जिले के ग्रामीण भी हैं संक्रमण का केंद्र
25.8 फीसदी सैंपलिंग आबादी में कोविड-19 के प्रति लड़ने की क्षमता रखने वाले प्रतिरक्षी पाए गए थे। 500 ग्रामीणों में से सबसे अधिक 22.2 फीसदी में संक्रमण प्रतिरक्षी मिले थे। जबकि हरियाणा के अन्य जिलों के ग्रामीण इलाकों में यह दर बेहद कम मिली थी। सर्वे में शामिल 22 जिलों से एक समान 850 लोगों की सैपंलिंग की गई। इसमें अन्य सभी जिलों की दस फीसदी ग्रामीण आबादी ही संक्रमण प्रतिरक्षा निहित मिली। यानी यहां संक्रमण की पकड़ अन्य ग्रामीण इलाकों में कमजोर है। वहीं, फरीदाबाद के ग्रामीण इलाके से मिले सीरो सर्वे के परिणाम कोविड-19 की चपेट में आने का संकेत दे चुके हैं। सीरो सर्वे-1 के अनुसार सोनीपत 10, यमुनानगर के 9.9, करनाल के आठ, गुरुग्राम के 5.7 फीसदी ग्रामीणों में संक्रमण के बाद विकसित होने वाले प्रतिरक्षी पाए गए थे।
सीरो सर्वे-1 के बाद सुधार के किए गए प्रयास: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप पुनिया का कहना है कि जिले के ग्रामीण शहरी क्षेत्र में अंतर करना काफी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में दोनों ही क्षेत्रों में संक्रमण का न सिर्फ बराबर खतरा है बल्कि समान रूप से सतर्कता की जरूरत भी है। नए सर्वेक्षण किए गए, संवेदनशील इलाकों में रैपिड एंटीजन टेस्ट संजय, पर्वतिया, डबुआ, जवाहर कॉलोनी, एसजीएम नगर, चावला कालोनी, एनएच1,2,3,4,5, सूरजकुंड क्षेत्र, ग्रीनफील्ड कॉलोनी, भीम बस्ती, सेक्टर-7,7,11,14,16,21,55-ए, गांधी कॉलोनी, आदर्श नगर, एतमादपुर, सेहतपुर में संक्रमण को लेकर स्थिति जांची गई।
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