फरीदाबाद (धनंजय चौहान )। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने ले-आउट प्लान तैयार किया है। वर्ष 2031 के मास्टर प्लान के अनुसार जिले में औद्योगिक क्षेत्र का दायरा 14.2 फीसदी से बढ़ाकर 17.98 फीसदी किया जाएगा। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे।
कलपुर्जों की नगरी फरीदाबाद को स्मार्ट बनाने पर जोरशोर से काम चल रहा है। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एफएसएसएल) की ओर से बड़खल झील को उभारने के लिए परियोजना पर काम किया जा रहा है। वहीं शहर की दो मुख्य सड़कों को स्मार्ट सड़क के रूप में बनाया जा रहा है। इसके साथ ही एफएमडीए ने शहर के विकास की परियोजना तैयार की है। एफएमडीए के अनुसार, 115 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के कुल शहरी घनत्व को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2031 के मास्टर प्लान पर काम किया जा रहा है। इसके तहत 39.55 लाख व्यक्तियों की सुविधा के लिए 34368 हेक्टेयर क्षेत्र के भीतर शहरीकरण किया जाएगा।
एफएलडीए के अनुसार जिले में अभी 43.4 फीसदी क्षेत्र (मिक्स लेंड) में आवासीय क्षेत्र भी शामिल है। 14.2 फीसदी क्षेत्र परिवहन संचालन के लिए है। 8.4 फीसदी क्षेत्र खुला है। इस पर पार्क और ग्रीन बेल्ट है। 7.6 फीसदी क्षेत्र व्यवसायिक गतिविधियां के लिए है और 2.5 फीसदी क्षेत्र पेयजल आपूर्ति के लिए है। इसमें ट्यूबवेल, रैनीवेेल आदि शामिल है। 14.2 फीसदी क्षेत्र में पर उद्योग लगे हैं। वर्ष 2031 की परियोजना में आवासीय क्षेत्र की भूमि को 43.4 फीसदी से करीब एक फीसदी कम किया गया है। नई परियोजना में इसे 42.36 फीसदी रखा गया है। औद्योगिक क्षेत्र में करीब तीन फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2031 की परियोजना में 17.98 फीसदी भूमि औद्योगिक क्षेत्र के लिए होगी। इसी तरह ग्रीन बेल्ट और पार्क और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए खुले क्षेत्र (ऑपन स्पेस) को 15.20 फीसदी रखा गया है। पब्लिक यूटीलिटी (सार्वजनिक क्षेत्र) शौचालय आदि का क्षेत्रफल भी बढ़ाया जाएगा।
वर्ष 2031 के मास्टर प्लान में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। नई कंपनियां आएंगी। रोजगार के नए अवसर प्रदान होंगे। इसे साथ हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पार्क और ग्रीनबेल्ट बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
- सुधीर राजपाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एफएमडीए