संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। एक लाख रुपये के इलेक्ट्रिक स्कूटर में लगातार तकनीकी खामियां आने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को पुराना स्कूटर वापस लेकर उपभोक्ता को नया स्कूटर देने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न और मुकदमे के खर्च के रूप में 5,500 रुपये का भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रघुबीर कॉलोनी बल्लभगढ़ निवासी नेहा शर्मा ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि उन्होंने करीब एक लाख रुपये का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। खरीद के कुछ समय बाद ही वाहन में कई तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आने लगीं। शिकायत के अनुसार बरसात के दौरान स्कूटर बार-बार बंद हो जाता था, बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं होती थी।
नेहा शर्मा ने बताया कि उन्होंने कई बार सर्विस सेंटर पर वाहन की जांच करवाई और ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज कराईं, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान कंपनी ने आरोपों को नकारते हुए इन्हें सामान्य उपयोग से जुड़ी दिक्कतें बताया। हालांकि आयोग ने रिकॉर्ड पर मौजूद शिकायतों, ई-मेल और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद माना कि स्कूटर में निर्माण संबंधी खामी थी, जिसे कंपनी दूर करने में विफल रही। आयोग ने यह भी कहा कि उपभोक्ता ने स्कूटर का करीब पांच माह तक उपयोग किया है, इसलिए 20 प्रतिशत राशि की कटौती के बाद नया स्कूटर उपलब्ध कराया जाए। आदेश की पालना 30 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।