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Faridabad News: खिलौना पिस्तौल से की थी लूट की वारदात, रिश्तेदार निकला मास्टरमाइंड

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धौलागढ़ गांव में कुछ दिन पहले कारोबारी परिवार के घर हुई थी लूट
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वारदात विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सेवा प्रमुख एवं कारोबारी के घर पर हुई थी

संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। धौलागढ़ गांव में कुछ दिन पहले कारोबारी परिवार के घर हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पलवल पुलिस ने बेहद सटीक जांच और त्वरित कार्रवाई से सुलझा लिया है। पुलिस ने चार आरोपियों नवीन, सचिन, रविंद्र उर्फ रवि और धर्मेंद्र उर्फ मोनू (सभी निवासी धौलागढ़) को धर दबोचा है। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं उन्होंने सभी को हैरान कर दिया है। आरोपियों ने जिस पिस्तौल से परिवार को डराया, वह असल में खिलौना पिस्तौल थी। वहीं वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़ित परिवार का ही रिश्तेदार निकला। आरोपी नवीन (जो पीड़ित की बुआ का पोता बताया जा रहा है) ने ही इस पूरी लूट की साजिश रखी थी। वारदात विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सेवा प्रमुख एवं कारोबारी ओम प्रकाश शर्मा के घर पर हुई थी।
नवीन का घर पीड़ित के घर के ठीक पीछे है और उसी रास्ते से आरोपी वारदात की रात घर में दाखिल हुए। पुलिस ने बताया कि चारों आरोपी बेरोजगार थे और आसानी से पैसे कमाने व अपने शौक पूरे करने की लालसा में अपराध की राह पर उतर आए। सभी की शिक्षा 12वीं या उससे नीचे तक ही है।
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खेत में छिपाया था लूट का माल
छह अक्तूबर की रात करीब सवा एक बजे चार नकाबपोश लुटेरों ने धौलागढ़ गांव में कारोबारी ओमप्रकाश के घर में घुसकर पूरे परिवार को गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया। नकदी और गहनों को लूटने के बाद पीड़ित की मोटरसाइकिल और स्कूटी लेकर फरार हो गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने जिस पिस्तौल से परिवार को डराया, वह असल में खिलौना पिस्तौल थी। वारदात के बाद सभी आरोपी लूटी गई नकदी और गहनों को हथीन क्षेत्र के गांव फिरोजपुर राजपुर के एक खेत में छिपा आए, जो उनके एक दोस्त का खेत है। हालांकि, खेत के मालिक का इस अपराध से कोई संबंध नहीं है, उसे इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उसके खेत में अपराध का माल दबाया गया है।



पुलिस के सर्च ऑपरेशन पर नजर रखे हुए थे आरोपी
वारदात के बाद सभी आरोपी गांव में ही रहकर पुलिस की जांच पर नजर बनाए हुए थे। वे यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि पुलिस किस दिशा में काम कर रही है और उन पर कोई शक तो नहीं हो रहा। पुलिस को जैसे-जैसे सुराग मिले, टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाया। आखिरकार, सीआईए प्रभारी/एसआई दीपक गुलिया की टीम ने महज़ कुछ घंटों में इस ब्लाइंड केस को सुलझाते हुए चारों आरोपियों नवीन, सचिन, रविंद्र उर्फ रवि और धर्मेंद्र उर्फ मोनू (सभी निवासी धौलागढ़) को धर दबोचा।



सीसीटीवी फुटेज में चादर से घर में घुसते व बंधक बनाते दिखे आरोपी

पुलिस के पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चारों आरोपी चादर के सहारे घर में घुसते हैं और परिवार को बंधक बनाते हैं। वे चेहरों पर कपड़ा बांधे और हाथों में दस्ताने पहने हुए हैं, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस ने इन फुटेज को तकनीकी विश्लेषण में इस्तेमाल किया और वहीं से संदिग्धों की पहचान तय की गई।



मामले की गंभीरता देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया

एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया था और विशेष टीमों को बदमाशों की धरपकड़ के आदेश दिए गए थे। साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से टीम ने आरोपियों को उनके ही गांव से गिरफ्तार किया। पुलिस ने अब तक 22 लाख रुपये नकद, एक मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, एक लोकेट, एक चेन, एक नेकलेस और नौ ईयर रिंग बरामद कर लिए हैं। वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, स्कूटी और अन्य सामान की बरामदगी की कार्रवाई जारी है।
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एसपी ने की टीम की सराहना और इनाम देने की घोषणा
एसपी सिंगला ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह आरोपियों की पहली बड़ी आपराधिक वारदात थी, लेकिन एहतियात के तौर पर पड़ोसी जिलों और राज्यों में इनके क्रिमिनल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अदालत में पेश करने के बाद चारों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है ताकि आगे की पूछताछ और बरामदगी की जा सके। एसपी ने इस केस को सुलझाने वाली पूरी टीम की सराहना की और उन्हें प्रशस्ति पत्र और नगद इनाम देने की घोषणा की।
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