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अतिरिक्त सुविधा देकर मरीजों की समस्या होगी दूर

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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी न हो इसके लिए उचित इंतजाम किए जा रहे हैं। बीके सिविल अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में नए आठ वार्मर लगाए जा रहे हैं। बुधवार को जिले में यह वार्मर एचएमएससीएल की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। करीब एक सप्ताह में यह वार्मर इंस्टॉल कर नवजात को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में पेयजल की किल्लत खत्म करने के लिए आगामी एक माह में नए ट्यूबवेल लगाकर पानी व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में यदि संक्रमण बढ़ता भी है तो मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मरीजों पर कम से कम संकट हो, ऐसी व्यवस्था की जा रही है।
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बीते वर्ष कोरोना संक्रमण बढ़ने पर बीके सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए थे। इस दौरान कई मरीजों को पेयजल किल्लत हुई। वहीं, अन्य समस्याओं को फौरी तौर पर सुलझा लिया गया। अब फिर संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे में एक ओर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी जारी है तो दूसरी ओर बीके सिविल अस्पताल प्रबंधन ने भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में तेजी की है। इसके साथ ही अस्पताल में एचडीयू निर्माण का काम भी पूरा कर लिया गया है। महज स्टाफ भर्ती का इंतजार है। वहीं, एसएनसीयू में पहले 27 वार्मर थे। संख्या बढ़ने से ज्यादा नवजातों को स्थानीय स्तर पर इलाज मिल सकेगा। इसमें पीलिया सहित कम वजन के बच्चे और दूध न पीने की समस्या से पीड़ित बच्चों को उपचार मिलेगा।
पेयजल संकट से मिलेगी निजात
गर्मी के दिनों में बीके सिविल अस्पताल में मरीजों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो जाता है। अस्पताल में लगा एक मात्र ट्यूबवेल खराब होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। अब अस्पताल प्रबंधन की ओर से न सिर्फ मौजूदा ट्यबवेल की बोरिंग शुरू की गई है बल्कि एक अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाने की व्यवस्था की जा रही है। आगामी एक माह में लोक निर्माण विभाग यह काम पूरा करेगा। प्रबंधन का दावा है कि इससे मरीजों को पेयजल की किल्लत नहीं होगी।
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बीके सिविल अस्पताल में व्यवस्था व सुविधाएं काफी बेहतर की गई हैं। अब सरकारी अस्पताल निजी मेडिकल संस्थानों को मात दे सकता है। नवजातों के इलाज के लिए एसएनसीयू में 35 वार्मर हैं। आठ हाल ही में आए हैं। वहीं, दो ट्यूबवेल से पानी संकट नहीं होगा। एचडीयू का काम भी पूरा कर लिया गया है, स्टाफ भर्ती होते ही हाई रिस्क गर्भवतियों को सुविधा मिलने लगेगी।
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- डॉ सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके अस्पताल
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