साथी की पिटाई से भड़के मजदूर, सुरक्षा की मांग पर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। मोहना मंडी में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब पल्लेदारों ने बुधवार सुबह मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। पल्लेदारों का आरोप है कि मंगलवार देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने उनके साथी के साथ जमकर मारपीट की, जिससे उसके हाथ और पैर टूट गए। घटना से गुस्साए पल्लेदारों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मंडी के गेट को बंद कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मोहना मंडी में रोजाना सैकड़ों की संख्या में पल्लेदार धान की ढुलाई का काम करते हैं। पल्लेदारों का आरोप है कि मंगलवार रात करीब 12 से 1 बजे के बीच कुछ लोग शराब के नशे में मंडी में पहुंचे और वहां मौजूद एक पल्लेदार के साथ मारपीट करने लगे। हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। घायल पल्लेदार को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार सुबह मंडी के अन्य पल्लेदारों में रोष फैल गया। उन्होंने सामूहिक रूप से काम रोक दिया और मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रात के समय मंडी में अक्सर कुछ लोग शराब पीते हैं और गुंडागर्दी करते हैं, जिससे मजदूरों में भय का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
एक पल्लेदार ने कहा हम रोजी-रोटी के लिए यहां काम करते हैं, लेकिन हर समय डर बना रहता है। हमारे साथी के साथ जो हुआ, वह किसी के साथ भी हो सकता है। हम तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक प्रशासन सुरक्षा का भरोसा नहीं देता।”
मामले की सूचना मिलते ही मंडी सचिव ऋषि कुमार मौके पर पहुंचे और पल्लेदारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि यह घटना मार्केट कमेटी से संबंधित नहीं है, बल्कि कुछ बाहरी लोगों की हरकत है। उन्होंने पल्लेदारों को समझा-बुझाकर शांत किया और आश्वासन दिया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को सूचित किया जाएगा। करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद पल्लेदारों ने ताला खोल दिया और मंडी में कामकाज फिर से शुरू हो गया।
मंडी सचिव ने कहा, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सभी पल्लेदार अपने काम पर लौट चुके हैं। हमने पुलिस को घटना की जानकारी दे दी है ताकि रात में मंडी परिसर में किसी तरह की असामाजिक गतिविधि न हो।
स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि मंडी परिसर में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। वहीं, घायल पल्लेदार का इलाज जारी है और पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है।
इस घटना के बाद मजदूर वर्ग में असुरक्षा की भावना फिर से उभर आई है। पल्लेदारों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो वे दोबारा काम बंद करने को मजबूर होंगे।