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Faridabad News: निर्धन जानेला ई धनवान जानेला, महिमा छठ मइया के अपार ई जहां जानेला

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श्रद्धालुओं ने निर्जला उपवास रखकर डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य, घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महिमा छठ मइया के अपार ई जहां जानेला..सेविले चरन तोहार, हे छठी मइया महिमा तोहर अपार,.. सुना-ए-छठी मइया, रउरै घाटे बेंदिया बनवाई दे.. जैसे गीतों से रविवार शाम छठ घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने तालाब और नहर में घुटने भर पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी भास्कर को अर्घ्य दिया। अर्घ्य देने के बाद घाटों पर जलाए गए दीयों का विहंगम नजारा देखते ही बन रहा था। इस दौरान छह लाख पूर्वांचल वासियों ने छठ पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया।
लोक आस्था और सूर्य भगवान की उपासना के छठ महापर्व को लेकर शहर में उत्सव का माहौल बना हुआ है। रविवार को श्रद्धालुओं ने रीति-रिवाजों के साथ छठी मैया की उपासना कर प्रसाद अर्पित कर विधि-विधान के साथ पूजन किया। व्रतियों ने घाट पर बहते जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इस मौके पर जमकर आतिशबाजी की गई। श्रद्धालुओं ने छठ मइया का ध्यान किया। पारंपरिक गीत-संगीत ने समां बांध दिया। श्रद्धालुओं ने विभिन्न फलों, मिठाइयों से छठ मइया को भोग अर्पित किया। घाटों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बड़ी स्क्रीन पर मैच देखने की व्यवस्था भी की गई थी।
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घाटों पर गूंजे छठी मइया के जयकारे
पूर्वांचल समितियों और नगर निगम प्रशासन की ओर से छठ महापर्व की तैयारियां व्यवस्थित ढंग से की गईं। कहीं तालाब तो कहीं कृत्रिम घाट बनाकर छठ मइया की उपासना की गई। शहर में करीब छह लाख श्रद्धालुओं ने एक साथ डूबते हुए सूरज को अर्घ्य दिया। शहर में रह रहे बिहार मूल के निवासियों ने छठ महापर्व धूमधाम से मनाया। इस मौके पर सेक्टर-52, 53, नहर पार खेड़ी पुल, एनआईटी, पल्ला पुल, बराही तालाब, एसजीएम नगर, बसंतपुर, बल्लभगढ़ व अन्य कई स्थानों पर भव्य मेला लगाया गया। समिति आयोजकों की ओर से कृत्रिम रूप से खोदे गए गड्ढों में साफ व ताजा पानी भरकर श्रद्धालुओं के लिए तालाब बनाए गए। शाम चार बजे से ही लोगों ने घाटों का रुख करना शुरू कर दिया। गाजे-बाजे के साथ हजारों लोगों ने घाट का पूजन किया। फिर जल में खड़े होकर छठ सूर्य देव को नमन किया। पूजा के दौरान बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की। छठ मइया के जयकारे लगाए और पारंपरिक भजनों का सिलसिला जारी रहा। नहर पार सोसाइटीज में भी छठ पर्व की अलग ही छटा देखने को मिली।
इन घाटों पर दिखा जलते दीयों का विहंगम नजारा
छठ पूजा के लिए डबुआ स्थित भोजपुरी-अवधी समाज के कार्यालय, लक्कड़पुर, दयालबाग, इरोज गार्डन, सराय वाजा, सेक्टर-22 हनुमान मंदिर, सेक्टर 23ए, सेक्टर- 24 हनुमान मंदिर, सेक्टर-53, सेक्टर-52 शिव मंदिर, सेक्टर-55 हनुमान मंदिर, सेक्टर-3 नहर पर, शाहिद पार्क संजय कॉलोनी पुलिस चौकी के पास, मुजेसर, भोजपुरी अवधी समाज, डबुआ कॉलोनी, बाइपास मां काली मंदिर, सेक्टर-8, ओल्ड फरीदाबाद बराही तालाब, एनएच तीन, जवाहर काॅलोनी, पल्ला, खेड़ी पुल में भव्य घाट बनाए गए। इसके अलावा कृत्रिम छोटे-छोटे घाट पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक तौर से पूजा की।
छठ पूजा के दौरान प्रशासन रहा मुस्तैद

शहर में करीब छह लाख बिहार व पूर्वांचल के लोगों ने इस महापर्व को मनाया। श्रद्धालुओं की तादाद को देखते हुए प्रशासन के लिए भी व्यवस्था को बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं था। छठ पूजा के दिन जहां शहर में खासी रौनक रही, वहीं छठ पूजा को देखने के लिए लोगों की बढ़ी संख्या घाट व पूजा स्थानों पर जुटी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद रहा। बड़े-बड़े घाटों पर पुलिस अलर्ट रही। महिला व पुरुष सुरक्षाकर्मी सादी वर्दी में भी घाटों पर तैनात रहे।
बाजारों में रही रौनक

छठ महापर्व को लेकर रविवार को भी बाजारों में भीड़भाड़ रही। लोगों ने छठ पर्व में प्रयोग होने वाली सामग्री खरीदी। कपड़ों की दुकानों पर भी खासी भीड़ रही। बाजार में सर्वाधिक फल व फूल की खरीदारी की गई। बल्लभगढ़ में नहर के किनारे, सेक्टर-3, खेड़ी पुल, प्रेस कॉलोनी, डबुआ सब्जी मंडी, संजय कॉलोनी, एनएच-1, एनएच-5, सेक्टर-3, ओल्ड फरीदाबाद सब्जी मंडी एवं पल्ला आदि में छठ पूजा की सामग्री के बाजारों में भीड़ देखने को मिली।


आज उगते सूर्य को अर्घ्य देकर होगा महापर्व का समापन

पूर्वी सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह के अनुसार, सोमवार को सूर्य उदय के समय जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस मौके पर श्रद्धालु छठ मइया से अलग-अलग मन्नतें मांगते हैं। काफी श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर उनका शुक्रिया अदा करेंगे। सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का समय सुबह 6.40 से 7.15 बजे तक है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में अर्घ्य देने का विशेष लाभ मिलता है। सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करें। जल में दूध और गंगाजल मिश्रित कर अर्घ्य दें। इसके बाद ही व्रती अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत खोलेंगे।
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पूर्वी सेवा समिति ने की विशेष तैयारियां
एसजीएम नगर बौद्ध बिहार छट घाट पर 12वें छठ महोत्सव की तैयारियां बड़े स्तर पर की गई थीं। इन तैयारियों में घाट को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए लाइट की भी पूरी व्यवस्था की गई। घाट पर करीब आठ से दस हजार श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे। पूर्वी सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने सभी के लिए मंगलकामना की। साथ ही घाट पर बडे प्राेजेक्टर पर श्रद्धालुओं ने एक साथ फाइनल मैच का आनंद लिया।
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