फरीदाबाद। कोरोना महामारी से निराश्रित बच्चों को पुनर्वास योजना का लाभ देने के लिए अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए शुक्रवार को जिला स्तर पर बैठक होगी। इस दौरान तय किया जाएगा कि एक बच्चे को सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत मदद के लिए कितनी आर्थिक सहायता की जरूरत होगी। इसी के अनुरूप बजट तैयार कर राज्य स्तर पर भेजा जाएगा।
जिले में अब तक ऐसे करीब पांच बच्चों की पहचान की गई है। जो पूरी तरह से सरकारी मदद के तहत जीवन-यापन करेंगे। ऐसे बच्चों ने कोविड के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है। जिला उपायुक्त यशपाल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना महामारी से निराश्रित हुए बच्चों के पुनर्वास और सहायता करने व सुरक्षित भविष्य देने के मकसद से योजना शुरू की गई है। इसे मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना नाम दिया गया है। इसके तहत कोरोना महामारी मे माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों को इस योजना से सहायता मिलेगी। ऐसे सभी बच्चे, जिन्होंने अपने माता-पिता या उनका पालन पोषण करने वालों को खोया है उनको हरियाणा सरकार से आर्थिक सहायता देगी।
शिक्षा के लिए मिलेगा यह सहयोग
10 वर्ष से कम आयु : स्कूली शिक्षा में नजदीकी केंद्रीय विद्यालय/निजी स्कूल में डे-स्कॉलर के रूप में दाखिला व निजी स्कूल में दाखिले के लिए पीएम केयर्स से आरटीई के तहत फीस, वर्दी, पाठ्यक्रमों व नोटबुक की सुविधा मिलेगी।
11 से 18 वर्ष की आयु : स्कूली शिक्षा के दौरान आवासीय विद्यालय जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय में दाखिला व निजी स्कूल में दाखिले के लिए पीएम केयर्स से आरटीई के तहत फीस, वर्दी व नोटबुक की सुविधा मिलेगी।
विस्तारित परिवार की देखरेख में रहने वाले : ऐसे बच्चे को निकटतम केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे-स्कॉलर के रूप में दाखिला दिया जाएगा।
योजना के तहत अन्य लाभ
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, उच्च शिक्षा के लिए ऋण का भुगतान पीएम केयर फंड द्वारा
छात्रवृत्ति के पात्र न होने वालों को पीएम केयर्स द्वारा समकक्ष छात्रवृत्ति सुविधा
आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर
18 वर्ष की आयु तक के इन बच्चों के प्रीमियम की राशि का भुगतान पीएम केयर्स द्वारा
18 वर्ष की आयु पूरी करने पर पीएम केयर्स द्वारा 10 लाख रुपये की मदद
18 वर्ष तक 2500 रुपये प्रति बच्चा प्रति महीना
बिना परिवार के बच्चों की देखभाल करने वाले बाल देखभाल संस्थान को 1500 रुपये प्रति बच्चा प्रतिमाह
8वीं से 12वीं या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को टेबलेट की सुविधा
लड़कियों को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51 हजार रुपये, विवाह के समय तक ब्याज सहित