ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के पास बने हेलीपैड को अपग्रेड कर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होने लगा है। इसके तहत एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पास बने हेलीपैड को अपग्रेड कर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। हेली एंबुलेंस सेवा शुरू होने से गंभीर मरीजों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल, एम्स समेत अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों तक कम समय में पहुंचाने में मदद मिलेगी। सड़क मार्ग से रेफर किए जाने के दौरान ट्रैफिक जाम और अधिक दूरी के कारण होने वाली देरी को भी कम किया जा सकेगा।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर मरीजों का भारी दबाव है। जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में रोजाना करीब 200 से 250 मरीज पहुंचते हैं, जबकि ओपीडी में प्रतिदिन करीब 2000 से 2500 मरीज उपचार के लिए आते हैं। विभिन्न शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी औसतन करीब 300 मरीज रोजाना उपचार के लिए पहुंचते हैं। वहीं जिले में करीब छह लाख ईएसआईसी कार्ड धारक हैं। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब पांच हजार मरीज पहुंचते हैं, जबकि आपातकालीन विभाग में 24 घंटे के दौरान करीब 300 से 350 मरीज उपचार के लिए आते हैं।
पांच मेडिकल कॉलेजों को हेली एंबुलेंस सेवा से जोड़ने की तैयारी
हरियाणा सरकार प्रदेश में हेली एंबुलेंस सेवाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत फरीदाबाद समेत पांच मेडिकल कॉलेजों को हेली एंबुलेंस सेवा से जोड़े जाने की योजना है। फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के नजदीक बने हेलीपैड को अपग्रेड कर आवश्यक और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस संबंध में हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएडीसीएल) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आठवीं बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
हालिया मामलों में त्वरित रेफरल की पड़ी थी जरूरत
हाल में मुजेसर स्थित इस्पात कंपनी में हुए विस्फोट में घायल कई मजदूरों को जिले के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जबकि गंभीर घायलों में कुछ को दिल्ली के एम्स रेफर किया गया। वहीं, पांच माह की बच्ची को भी गंभीर हालत में बीके नागरिक अस्पताल से सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और बीके अस्पताल से जवाब मांगा है। ऐसे मामलों में हेली एंबुलेंस सेवा गंभीर मरीजों को कम समय में बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है।
हेलीपैड को आधुनिक सुविधाओं से किया जाएगा लैस
एचएडीसीएल की बैठक में पांचों मेडिकल कॉलेजों के पास बने हेलीपैड के उन्नयन की योजना की समीक्षा की गई। इन्हें आवश्यक सुविधाओं से लैस कर आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के संचालन के योग्य बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। फरीदाबाद में यह सुविधा शुरू होने से दिल्ली रेफर किए जाने वाले गंभीर मरीजों के लिए समय पर उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी।