लाल रंग की कार खंदावली गांव में खड़ी करने वाला युवक धौज गांव का ही रहने वाला
पुलिस ने वासिद नामक युवक को हिरासत में लेकर एनआईए के हवाले कर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली बम धमाके और अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की आंच अब धौज गांव के निवासियों तक भी पहुंच चुकी है। फरीदाबाद पुलिस की टीमों ने खंदावली गांव में आतंकियों की प्रयोग की गई लाल रंग की कार खड़ी करने के आरोप में धौज गांव के वासिद नामक युवक को हिरासत में लिया है। इस युवक को एनआईए ने अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
खंदावली गांव में लाल रंग की ये कार फहीम नामक युवक के घर के बाहर मिली थी। फहीम के पिता इमामुद्दीन दिल्ली में गाड़ी चलाते हैं। फहीम की ससुराल धौज गांव में है और साल 2018 में उसकी शादी हुई थी। इमामुद्दीन ने बताया कि बेटे की शादी के बाद 1-2 बार ही वो धौज गए हैं। फहीम को बुधवार रात को ही उसके घर से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसे कार में छुपाकर चेहरा ढंककर मीडिया के सामने से यहां से ले जाया गया। फहीम को पुलिस ने यही कहा कि वो उसका पता बताए जो यहां कार छोड़कर गया।
बृहस्पतिवार शाम को अपने घर लौट चुके फहीम ने कॉल पर बातचीत के दौरान अमर उजाला संवाददाता को बताया कि उसका साला वासिद ये कार मंगलवार को छोड़कर गया था। उसने कहा था कि वो बाद में आकर ये कार ले जाएगा। फहीम ने बताया कि उस समय पर जो महिला और व्यक्ति लाल कार में वासिद के साथ आना बताए गए वो यहां पड़ोस में रहने वाले परिचित ही हैं। वो परिचित होने के चलते यहीं से कार में बैठे थे। वो महिला फहीम की रिश्ते में भाभी ही लगती है। फहीम पुलिस टीम को साथ लेकर बृहस्पतिवार सुबह अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंचा और इसी परिसर से पुलिस ने वासिद को काबू कर लिया। वासिद अल-फलाह यूनिवर्सिटी में ही काम करता है।
खंदावली गांव के सरपंच निसार ने बताया कि एनआईए की टीम फहीम को गांव में छोड़ गई है। एनआईए की टीम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे किसी भी निर्दोष को बेवजह परेशान नहीं कर रहे। साथ ही जो दोषी हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। लोगों से टीम ने सहयोग भी मांगा है।