बल्लभगढ़ (संदीप पाराशर)। सरकारी दस्तावेज खासतौर पर परिवार पहचान पत्र में पारिवारिक आय को कम दिखाने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति की जांच सरकारी अब गुप्त रूप से कर रही है। गुप्त रिपोर्ट का पूरा रिकॉर्ड संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है। कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें परिवार ने अपनी आमदनी आंशिक रूप से उजागर की है। ऐसे मामलों में परिवार की आय के सभी स्त्रोत रिकॉर्ड में न केवल दर्शाए जा रहे बल्कि उनका सत्यापन आपके पड़ोसी, नंबरदार और पंच-सरपंच के माध्यम से किया जा रहा है। जिले के बल्लभगढ़ खंड में आठ पंचायतों में यह काम बहुत तेजी से चल रहा है। फरीदाबाद पंचायत में 10 बूथों को इससे जोड़ा गया है। वहीं, शहरी क्षेत्र में सरकारी अध्यापक घर-घर जाकर परिवार की आय की पुष्टि कर रहे हैं। जेबीटी व स्कूलों के कुछ अन्य सहायकों को भी इस काम में सरकार के लिए जमीनी हकीकत की जांच के लिए सर्वे में उतारा गया है।
कैसे की जा रही है जांच :
विभाग केवल उन्हीं लोगों की जांच कर रहा है जो पंचकुला से पंचायतों को भेजे गए हैं। जांच में परिवार की आय पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए विभाग गांव के नंबरदार, सरपंच, पंचायत सदस्य के अलावा पड़ोसियों को भी जांच में शामिल कर रहा है। जांच में उन लोगों को भी लिया गया है जो सेवानिवृत्त होने के बाद कहीं न कहीं कार्य कर रहे हैं और परिवार पहचान पत्र में अपनी आय को छुपाएं हुए हैं।
जांच में अधिकारी भी शामिल :
परिवार पहचान पत्र के जांच क्रम में ट्रांसपोर्ट इंचार्ज (टीआई), क्लर्क, ग्राम सचिव, जेई, एक्साइज अधिकारी, टैक्ससेंशन अधिकारी के माध्यम से कराई जा रही है। इसमें उन लोगों को लिया गया है जिन्होंने अपनी वार्षिक आय दो लाख से कम दर्शायी हुई है। बताया जाता है कि अधिकारियों को सख्ती से कहा गया कि किसी की जांच में कमी पाई गई, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
कहां-कहां हो रही है जांच :
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फरीदाबाद ब्लॉक में पाखल, धौज, टिकरी खेड़ा, फतेहपुर तगा, राजौपुर, बढ़ौली गांव के ग्रामीणों की जांच हो रही है जबकि तिगांव ब्लॉक में नीमका गांव के तीन बूथ, मिर्जापुर, तिगांव व तिगांव अधाना पट्टी के अलावा कोराली गांव के ग्रामीणों को शामिल किया गया है जबकि बल्लभगढ़ ब्लॉक में बिजौपुर, नगला जोगियान, भनकपुर, अटाली, जखौपुर, फिरोजपुर कलां, सागरपुर के अलावा डीग गांव शामिल है।
आर्थिक रूप से पिछड़ों की पहचान का आधार होगा परिवार पहचान पत्र-सीएम
सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र को आधार बनाया जा रहा है। सर्वे जारी है। पूर्व में हुई सर्वे में कई अयोग्य लोग लाभांवित हुए जबकि योग्य लाभ से वंचित रहे। इस बार यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योग्य व्यक्ति की पहचान ही हो। सर्वे में योग्य लोगों की पहचान होते ही आर्थिक रूप से पिछड़ों को घर के साथ कई योग्य लोगों को लाभ दिया जाएगा। दरअसल, जिले में 10 अप्रैल को एफएमडीए की पहली बोर्ड बैठक आयोजित की गई। सीएम मनोहर लाल इसकी अध्यक्षता के लिए जिले में पहुंचे थे। इस दौरान सीएम ने आर्थिक पिछड़ों की पहचान के लिए परिवार पहचान पत्र को आधार बनाए जाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एक सर्वे में करने में जुटी है। इसके आधार पर ही लोगों को सरकारी लाभ मिलेंगे।