पुलिस की लापरवाही आई सामने, अब जमानत याचिका अदालत ने खारिज की
सोनू यादव
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खेड़ीपुल थाने में 14 मार्च 2020 को दर्ज हुए लूट व चोरी के केस में मवई निवासी सचिन को पुलिस ने अदालत से भगोड़ा करार करा दिया। अब 12 जून 2025 को इस केस में उसे गिरफ्तार किया गया है। हैरत की बात ये है कि साल 2020 से 2025 के दौरान कई मामलों में आरोपी को डबुआ, सूरजकुंड व अन्य थानों की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। इतना ही नहीं, खेड़ीपुल थाने की पुलिस ने भी साल 2024 के एक केस में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा और अंडरगोन की सजा भी दिला दी।
खेड़ीपुल थाने में 14 मार्च 2020 को आईपीसी की धारा 457, 380, 392, 458 व 201 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं और उनका ऑफिस सेक्टर-85 में है। 11 मार्च 2020 की रात को दो लड़के दीवार कूदकर मेन गेट से अंदर घुस आए और कृष्ण चौकीदार के सिर पर रॉड से वार करने के बाद कार्यालय का लैपटॉप, प्रिंटर, गैस सिलिंडर और कैमरा डीवीडी, चौकीदार का मोबाइल व कुछ नकदी भी छीन ले गए।
6 दिसंबर 2021 को भगौड़ा करार दिया था सचिन को
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवा को 10 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया। वो पहले से ही एक अन्य मामले में हिरासत में था। आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवा से लूटा गया लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और लोहे की रॉड बरामद हुई। सचिन को इस केस में 6 दिसंबर 2021 को भगौड़ा करार करा दिया गया।
अदालत ने बताया लापरवाही
25 जुलाई को सुनवाई करते हुए अदालत ने पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही के साथ ही इसे पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय और आपसी संवाद की कमी बताते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस मामले से यह भी पता चलता है कि घोषित व्यक्तियों या अपराधियों का कोई रिकॉर्ड सही से नहीं रखा जाता है। इससे अदालत का कीमती समय भी बर्बाद होता है। अदालत ने कहा कि इस आदेश की एक प्रति मामले की जांच के लिए डीसीपी मुख्यालय, फरीदाबाद को भेजी जाए। साथ ही सभी संबंधित एसएचओ को सामान्य रूप से संवेदनशील बनाया जाए कि वे पुलिस जवाब दाखिल करते समय जमानत मांगने वाले आरोपी के उचित पुराने रिकॉर्ड का उल्लेख करें और किसी आरोपी की गिरफ्तारी के समय उसके पिछले रिकॉर्ड की मैन्युअल रूप से जांच की जानी चाहिए।