दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। जिले में पेंशन व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। 72 वर्षीय बुजुर्ग अशोक कुमार सिंह की पेंशन पिछले करीब 10 वर्षों से उनके खाते में न जाकर किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में जमा होती रही।
इस चूक के चलते बुजुर्ग को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर रहे। यह मामला अकेला नहीं है। नाम में मामूली गड़बड़ी, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में त्रुटियों तथा तकनीकी खामियों के चलते जिले के कई अन्य पेंशनधारकों की पेंशन भी प्रभावित हुई है। हाल ही में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान 1500 से अधिक लाभार्थियों की मासिक पेंशन (सम्मान भत्ता) रोक दी गई है। इससे बुजुर्ग, विधवा और निराश्रित लाभार्थी परेशान हैं और रोजाना समाज कल्याण विभाग व नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) के चक्कर लगा रहे हैं।
विभागीय जांच में सामने आया है कि आधार और पीपीपी के मिलान के दौरान कई लाभार्थियों की जन्मतिथि में अंतर, आय सीमा से अधिक आय दर्ज होना और नाम की गलतियां पाई गईं। सत्यापन के दौरान कुछ लाभार्थियों की उम्र 60 वर्ष से कम निकली, जबकि नियमों के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले ही पेंशन के पात्र हैं। इसी आधार पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पेंशन रोकी गई है।
वर्जन
पेंशन नहीं आने की जानकारी मिलने के बाद मैंने कई बार संबंधित विभागों में लिखित शिकायत दी लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। -अशोक कुमार सिंह
मेरी पेंशन पता नहीं क्यों कट गई। मैं पेंशन पर आश्रित हूं। इस महीने की पेंशन नहीं आई और मेरे जानने वालों में सबकी आ गई। -बिमला देवी
हमें दो महीने पहले इस विषय में शिकायत मिली थी। हम जांच करा रहे हैं। जिस व्यक्ति के खाते में पेंशन जा रही थी, उसे फ्रीज कर दिया गया है। जिसके खाते में पेंशन जा रही थी उससे पूरी रकम की वसूली जाएगी और पात्र व्यक्ति को दिया जाएगा। -
ममता शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी