नगर निगम और एफएमडीए की ओर से नए साल से 12 परियोजनाओं पर किया जाएगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए निगम व एफएमडीए ने विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इससे करीब 35 एमएलडी पानी की सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
बढ़ती आबादी, पुराने जल वितरण नेटवर्क और घटते भूजल स्तर के कारण एनआईटी क्षेत्र के कई वार्डों में पानी की किल्लत बनी हुई है। फिलहाल इलाके में 11 बूस्टर और लगभग 300 ट्यूबवेल के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है लेकिन अभी इलाके में करीब 35 एमएलडी पानी जरूरत है। इसी कमी को पूरा करने के लिए 12 नई जल परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं जिनका काम जल्द ही धरातल पर शुरू किया जाएगा।
नगर निगम और एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, एनआईटी क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से ठीक किया जाएगा। रोडमैप के तहत जहां एक ओर नए ट्यूबवेल, बूस्टर और ओवरहेड टैंकों की संख्या बढ़ाई जाएगी वहीं दूसरी ओर पुराने और जर्जर पाइपलाइन नेटवर्क को बदला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों पर लीकेज और अवैध कनेक्शन के कारण भी पानी की बर्बादी हो रही है जिसे रोकना इस योजना का अहम हिस्सा है।
35 एमएलडी पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती
वर्तमान में एनआईटी क्षेत्र की कुल पानी की खपत आपूर्ति से अधिक है। प्रशासन के आकलन में सामने आया है कि क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 35 एमएलडी पानी की कमी है। इस वजह से कई इलाकों में लोगों को कम दबाव में पानी मिल रहा है या फिर टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
12 नई परियोजनाओं से मिलेगी राहत
इस कमी को दूर करने के लिए जिन 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, उनमें नए ट्यूबवेल लगाने, अतिरिक्त बूस्टर स्टेशन स्थापित करने, ओवरहेड वाटर टैंक बनाने और इंटरकनेक्टिंग पाइपलाइन बिछाने जैसे कार्य शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद एनआईटी क्षेत्र में जलापूर्ति की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और टैंकरों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
एफएमडीए मास्टर प्लान के तहत कर रहा काम
एफएमडीए इस पूरे रोडमैप को अपने मास्टर प्लान के तहत लागू कर रहा है। मास्टर प्लान में वर्तमान की जरूरतों को ध्यान में रखने के साथ भविष्य में आबादी बढ़ने के साथ होने वाली पानी की मांग का भी आकलन किया गया है। इसके तहत सतही जल स्रोतों पर निर्भरता बढ़ाने और भूजल दोहन को नियंत्रित करने की रणनीति भी शामिल है। यमुना और आगरा कैनाल के साथ गंगा का अतिरिक्त पानी लाने की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है।
पुराने नेटवर्क की मरम्मत के साथ निगरानी पर रहेगा जोर
जानकारी के अनुसार एनआईटी क्षेत्र में कई पाइपलाइन दशकों पुरानी हैं जिनसे पानी का भारी नुकसान हो रहा है। रोडमैप में इन पाइप लाइनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने और स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम लागू करने का भी प्रस्ताव है ताकि पानी की आपूर्ति और खपत पर बेहतर निगरानी रखी जा सके।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस रोडमैप का स्वागत करते हुए कहा है कि अगर सभी योजनाएं तय समय पर पूरी हो जाती है तो एनआईटी क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। लोगों का कहना है कि अब उन्हें पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लोगों की सुविधाओं के लिए निगम हर स्तर पर काम कर रहा है। जल्द ही लोगों को इन परियोजनाओं का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम