मुख्यमंत्री ने 70 और 104 मीटर क्षमता वाली दो मशीनें खरीदने को दी मंजूरी
विभाग की ओर से 90 मीटर क्षमता वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मांग भेजी गई थी
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। तेजी से हाईराइज शहर बन चुके फरीदाबाद के लिए राहत भरी खबर है। बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए सरकार ने दमकल विभाग की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है। विभाग की ओर से पहले 90 मीटर क्षमता वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मांग भेजी गई थी लेकिन मुख्यमंत्री ने भविष्य में शहर के विस्तार और ऊंची इमारतों की जरूरतों को देखते हुए इसे बढ़ाकर 104 मीटर क्षमता का कर दिया। इतना ही नहीं एक मशीन के स्थान पर दो अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म देने की मंजूरी दी गई है। इनमें एक 104 मीटर और दूसरी 70 मीटर क्षमता की होगी। दोनों मशीनों के लिए तकनीकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और मुख्यालय स्तर पर खरीद प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब शहर में लगातार बढ़ रही हाईराइज इमारतों के मुकाबले दमकल विभाग के पास आधुनिक संसाधनों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में विभाग के उपकरण केवल 11 से 12 मीटर तक ही प्रभावी ढंग से आग बुझा सकते हैं जबकि शहर की अधिकांश बहुमंजिला इमारतें 45 से 50 मीटर ऊंची हैं।
पिछले दशक में बदला शहर लेकिन संसाधन नहीं बढ़े
ग्रेटर फरीदाबाद में पिछले दस वर्षों में तेजी से आवासीय विकास हुआ है। यहां 32 बड़ी सोसाइटियों में डेढ़ लाख से अधिक लोग रह रहे हैं जबकि पूरे क्षेत्र में तीन लाख से ज्यादा आबादी निवास करती है। जिले में करीब 150 बहुमंजिला इमारतें हैं और हर साल नई परियोजनाएं जुड़ रही हैं। इसके बावजूद अब तक ऐसा कोई हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं है जो ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर आग बुझाने या लोगों को सुरक्षित निकालने में सक्षम हो।
रॉयल हेरिटेज हादसे ने दिखाई थी व्यवस्था की कमजोरी
सेक्टर-70 स्थित रॉयल हेरिटेज सोसाइटी में पांच वर्ष पहले 11वीं और 18वीं मंजिल पर लगी आग ने दमकल विभाग की सीमाएं उजागर कर दी थीं। उस समय फायर टेंडर से छोड़ा गया पानी ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया था। सोसाइटी के आंतरिक फायर सिस्टम और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया लेकिन घटना ने आधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की जरूरत को स्पष्ट कर दिया।
104 मीटर मशीन बनेगी गेम चेंजर
104 मीटर क्षमता वाला हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म फरीदाबाद की अग्निशमन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा। यह मशीन शहर की लगभग सभी ऊंची इमारतों तक पहुंचने में सक्षम होगी। वहीं 70 मीटर क्षमता वाली दूसरी मशीन मध्यम ऊंचाई वाली इमारतों में त्वरित राहत और बचाव कार्य करेगी। इन मशीनों के जरिए आग बुझाने के साथ ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना भी आसान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण के बीच ऐसे उपकरण केवल सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुके हैं। दिल्ली-एनसीआर के कई शहर पहले ही इस तरह की आधुनिक तकनीक अपना चुके हैं और अब फरीदाबाद भी इस दिशा में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है।
एक नया फायर स्टेशन भी बढ़ाएगा क्षमता
दमकल विभाग की योजना केवल नई मशीनों तक सीमित नहीं है। विभाग की क्षमता बढ़ाने के लिए एक नए अग्निशमन केंद्र की स्थापना की भी तैयारी चल रही है। इसके साथ वायरलेस संचार प्रणाली और योजनाबद्ध रिस्पॉन्स मैनेजमेंट को मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी बड़ी घटना पर कम समय में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
मशीनों को लेकर तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही इन्हें बनाने के ऑर्डर दे दिए जाएंगे। इससे ऊंची बिल्डिंग में लगने वाली आग की घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा। - यादवेंद्र शर्मा, फायर ऑफिस फरीदाबाद