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Faridabad News: 20 जून की समयसीमा, अभी तक सीवर लाइनों की सफाई का काम शुरू भी नहीं हुआ

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फरीदाबाद गौंछी ड्रेन में सफाई नही होने से भरा कूड़ा करकट । संवाद
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एसी नगर नाले और गोच्छी ड्रेन में बड़ी मात्रा में कूड़ा और गाद जमा है, मानसून में होगी परेशानी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून से पहले जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत दिलाने के लिए हरियाणा सरकार ने 20 जून तक नालों और ड्रेनों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि अमर उजाला की पड़ताल में कई स्थानों पर तस्वीरें सरकारी दावों से अलग नजर आईं। शहर के एसी नगर नाला और गोच्छी ड्रेन में बड़ी मात्रा में कूड़ा और गाद जमा मिली जबकि गोच्छी ड्रेन पर लगी जाली के आसपास लंबे समय से फंसा कचरा अब भी नहीं हटाया गया है। दूसरी ओर करीब 12.41 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत बादशाहपुर ईस्ट, बादशाहपुर वेस्ट और प्रतापगढ़ जोन की मास्टर सीवर लाइनों की सफाई का काम भी अभी तक शुरू नहीं हो सका है।

पड़ताल के दौरान ऐसी नगर नाले में कई स्थानों पर प्लास्टिक, घरेलू कचरा और गाद जमा मिली। इसी तरह गौंछी ड्रेन में जाली पर बड़ी मात्रा में कचरा फंसा हुआ दिखाई दिया, जिससे पानी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले इन स्थानों की पूरी तरह सफाई नहीं हुई तो थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन सकती है।
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60 प्रतिशत सफाई का दावा लेकिन बड़े जोन अभी इंतजार में

एफएमडीए का कहना है कि शहर में नालों की सफाई का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं दूसरी ओर बादशाहपुर ईस्ट, बादशाहपुर वेस्ट और प्रतापगढ़ जोन की मास्टर सीवर लाइनों की सफाई, डीसिल्टिंग और मरम्मत का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इन तीनों क्षेत्रों में आबादी और व्यावसायिक गतिविधियां अधिक होने के कारण सीवर नेटवर्क पर लगातार दबाव बना रहता है। करीब 12.41 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 600 मिमी से 1800 मिमी वाली मास्टर सीवर लाइनों की सफाई, गाद निकालने, मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था की जानी है। परियोजना में नियमित पैट्रोलिंग और शिकायत मिलने पर दो घंटे के भीतर कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।

समय पर काम नहीं हुआ तो बारिश में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

फरीदाबाद में हर साल मानसून के दौरान कई कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या सामने आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मास्टर सीवर लाइनें समय पर साफ नहीं होने पर पूरी निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और नालों की सफाई का लाभ भी सीमित रह जाता है। 20 जून की समयसीमा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में यदि तीनों बड़े जोन में परियोजना का काम जल्द शुरू नहीं हुआ तो बारिश के दौरान लोगों को फिर गंदे पानी, दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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जवाबदेही से बचते हैं जिम्मेदार

नालों और मास्टर लाइन की सफाई को लेकर जब एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता ओम दत्त से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनकी तरफ से कॉल नहीं उठाया गया वहीं एफएमडीए के दूसरे कार्यकारी अभियंता समुद्र सिंह ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। इसके साथ ही नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमवीर का फोन नेटवर्क से बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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