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Faridabad News: नशा मुक्ति केंद्र नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा

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काउंसलिंग से दो महीने में 140 लोगों ने छोड़ा तंबाकू
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नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में इसी साल शुरू हुआ नशा मुक्ति केंद्र अब नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहा है। अस्पताल में शुरू की गई काउंसलिंग ओपीडी, ओएसटी सेंटर और एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी के जरिये मरीजों को उपचार और मानसिक परामर्श दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगातार इलाज और काउंसलिंग के चलते कई लोग नशे और तंबाकू की लत छोड़ने में सफल हो रहे हैं।



अस्पताल प्रशासन के मुताबिक ओएसटी सेंटर में प्रतिदिन करीब 100 से 120 मरीज दवा लेने और परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। नियमित इलाज और काउंसलिंग के जरिये कई मरीज नशे की लत छोड़ चुके हैं। वहीं तंबाकू निषेध क्लीनिक में पिछले दो महीने में करीब 140 लोगों ने तंबाकू सेवन छोड़ने में सफलता हासिल की है। क्लीनिक में प्रतिदिन 10 से 15 लोग परामर्श और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पताल में शुरू की गई सुविधाओं का सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को मिल रहा है जिन्हें पहले गंभीर स्थिति में इलाज के लिए जिले से बाहर रेफर करना पड़ता था। अब शराब, स्मैक, अफीम, गांजा, चरस, नशीले इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थों की लत से पीड़ित मरीजों का इलाज जिला नागरिक अस्पताल में ही किया जा रहा है।



विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों को दवा उपचार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और नियमित काउंसलिंग दी जा रही है। इसके साथ ही मरीजों के परिजनों को भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि इलाज के बाद मरीज दोबारा नशे की ओर न लौटें।



स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए जागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं। एनसीडी और ओरल हेल्थ कार्यक्रमों के तहत लोगों को तंबाकू और अन्य नशों के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।



नो नशा नेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा
नशा मुक्त हरियाणा मिशन के अंतर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से नो नशा नेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों और परिजनों को अफीम, गांजा, चरस, स्मैक, नशीले इंजेक्शन, धूम्रपान और शराब जैसे नशों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही सुरक्षित तरीके से नशा छोड़ने, व्यवहार परिवर्तन और नियमित काउंसलिंग के महत्व पर भी जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लगातार चल रहे इन अभियानों का असर अब दिखाई देने लगा है और लोग उपचार के लिए आगे आ रहे हैं।




सिविल हॉस्पिटल में तंबाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जिला अस्पताल फरीदाबाद में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के संयुक्त तत्वावधान में तंबाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप सिविल सर्जन डॉ. मान सिंह ने की। उन्होंने तंबाकू सेवन को गंभीर स्वास्थ्य खतरा बताते हुए लोगों से तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने की अपील की। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति यादव ने तंबाकू छोड़ने के उपाय बताए, जबकि अधिवक्ता उषा अरोड़ा ने तंबाकू नियंत्रण कानूनों की जानकारी दी।
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नशा और तंबाकू दोनों ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में ओएसटी सेंटर, काउंसलिंग और तंबाकू निषेध क्लिनिक के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार और परामर्श दिया जा रहा है। लगातार जागरूकता और इलाज का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है और लोग नशा छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।-डॉ. मान सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन
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