कोर्ट में अपनी ही शिकायत से मुकरा भाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दहेज हत्या के मामले में मृतका के भाई ने अदालत में अपनी ही शिकायत से पलटते हुए खुलासा किया कि उसने पुलिस को दहेज प्रताड़ना की कोई शिकायत नहीं दी थी। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उससे खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए थे।
भाई ने कोर्ट में बताया कि उसकी बहन मानसिक रूप से परेशान थी और इसी वजह से उसने आत्महत्या की थी। मुख्य गवाहों के पलटने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने आरोपी पति अंकित कुमार को दोषमुक्त करार दिया है। पल्ला थाना पुलिस ने 27 जनवरी 2025 को बसंतपुर कॉलोनी में खुशबू की मौत के बाद उसके पति अंकित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने मृतका के भाई अमित सिकरवार की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने का दावा किया था, जिसमें दहेज की मांग को लेकर मारपीट के आरोप थे। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता अमित सिकरवार ने अदालत को बताया कि शादी के बाद अंकित ने उसकी बहन को बहुत अच्छे से रखा था और दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था। अमित ने कहा कि खुशबू अवसाद से परेशान थी और इसी वजह से उसने खौफनाक कदम उठाया। जिरह के दौरान उसने स्पष्ट किया कि पुलिस ने उससे सादे कागजों पर दस्तखत करवाए थे। मृतका के दोनों चाचा राम बिहारी और महेश सिकरवार ने भी अदालत में यही बयान देकर अभियोजन का समर्थन नहीं किया। अदालत ने पाया कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण फंदे से दम घुटना आया और विसरा रिपोर्ट में भी कोई जहर नहीं मिला।