स्मार्ट तकनीक से बदलेगी फरीदाबाद की तस्वीर, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक और रिहायशी रूप से तेजी से फैल रहे फरीदाबाद में अब शहर प्रबंधन की कमान आधुनिक तकनीक के हाथों में सौंपी जा रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से शहर में एक व्यापक स्मार्ट सर्विलांस और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य शहर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुगम बनाना है। फिलहाल शहर में करीब 1500 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन इनमें से कई कैमरे खराब हो चुके हैं या तकनीकी रूप से पुराने पड़ गए हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ऐसे सभी खराब और निष्क्रिय कैमरों को बदला जाएगा और उनकी जगह अत्याधुनिक तकनीक से लैस नए कैमरे लगाए जाएंगे। इससे निगरानी व्यवस्था को फिर से मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
शहर में लगाए जाने वाले नए सीसीटीवी कैमरे सामान्य निगरानी तक सीमित नहीं रहेंगे। ये हाई-रिजॉल्यूशन और नाइट विजन क्षमता से लैस होंगे, जिससे दिन और रात दोनों समय स्पष्ट निगरानी संभव होगी। भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख चौराहों, मुख्य सड़कों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास और संवेदनशील इलाकों में इनकी तैनाती की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इससे अपराध पर अंकुश लगेगा और किसी भी घटना की स्थिति में डिजिटल साक्ष्य आसानी से उपलब्ध होंगे।
ऑटोमैटिक नंबर प्लेट और फेस एनालिटिक्स से बढ़ेगी सुरक्षा
नई व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए वाहनों की आवाजाही पर पैनी नजर रखी जा सकेगी। चोरी के वाहन, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले और अपराध से जुड़े वाहनों की पहचान तेजी से संभव होगी। इसके साथ ही फेस और बिहेवियर एनालिटिक्स जैसी तकनीक संदिग्ध गतिविधियों के पैटर्न को पहचानने में मदद करेगी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां समय रहते सतर्क हो सकेंगी।
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से सुधरेगी शहर की रफ्तार
फरीदाबाद में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को इस परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके तहत ट्रैफिक सिग्नल वाहन की भीड़ के अनुसार अपने आप संचालित होंगे। पीक आवर्स में जहां दबाव अधिक होगा, वहां ग्रीन सिग्नल का समय खुद बढ़ जाएगा। इससे चौराहों पर रुकने का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा शहर का डिजिटल दिमाग
पूरी स्मार्ट व्यवस्था का संचालन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से किया जाएगा। यह सेंटर शहर का डिजिटल कंट्रोल रूम होगा जहां से सुरक्षा, ट्रैफिक, आपात सेवाओं और अन्य शहरी गतिविधियों की एक साथ निगरानी की जा सकेगी। किसी दुर्घटना, अपराध या आपदा की स्थिति में पुलिस, ट्रैफिक, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं के बीच त्वरित समन्वय संभव होगा। इस तकनीकी ढांचे से प्रशासन को रियल टाइम डाटा उपलब्ध होगा। इससे ट्रैफिक पैटर्न, दुर्घटना संभावित क्षेत्र और अपराध संवेदनशील इलाकों की पहचान आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डाटा आधारित निर्णय प्रणाली से संसाधनों का बेहतर उपयोग और तेज प्रशासनिक कार्रवाई संभव हो सकेगी।
आम नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा। बेहतर निगरानी से अपराधियों में डर बनेगा और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को अधिक सुरक्षित माहौल मिलेगा। ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने से लोगों का समय बचेगा, मानसिक तनाव कम होगा और शहर की जीवन गुणवत्ता में सुधार आएगा। करीब 37 करोड़ रुपये की यह पहल केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य के फरीदाबाद की नींव है। यह शहर को रिएक्टिव सिस्टम से निकालकर प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव सिस्टम की ओर ले जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम फरीदाबाद को हरियाणा के अग्रणी स्मार्ट शहरों की कतार में मजबूती से खड़ा करेगा।
वर्जन
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के बेहतर रखरखाव और संचालन की योजना तैयार की गई है। सीसीटीवी, ट्रैफिक सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, आपात सेवाएं और अन्य शहरी सेवाओं की निगरानी को और बेहतर बनाया जा सकेगा। वहीं किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के बीच तुरंत समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। - संजय जून, सीईओ, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड