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Faridabad News: निरीक्षण में 127 में से केवल 19 सड़कें पूरी तरह मिलीं साफ

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सीएक्यूएम ने सड़कों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत निरीक्षण अभियान चलाया
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9 टीमों ने परखी जमीनी हकीकत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने फरीदाबाद की सड़कों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत निरीक्षण अभियान चलाया। मंगलवार को किए गए इस औचक निरीक्षण में शहर की कुल 127 सड़कों को परखा गया, जिसमें नगर निगम फरीदाबाद के सड़क-धूल नियंत्रण और सफाई के दावों की जमीनी हकीकत सामने आ गई।

सीएक्यूएम की रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण में शामिल अधिकांश सड़कों पर किसी न किसी स्तर पर धूल मौजूद थी जबकि पूरी तरह साफ सुथरी सड़कों की संख्या केवल 19 की संख्या पर सीमित रही। निरीक्षण के लिए सीएक्यूएम ने कुल नौ विशेष टीमें गठित की थीं, जिनमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल थे। इन टीमों ने नगर निगम के अधीन आने वाली प्रमुख सड़कों, सर्विस रोड, जंक्शन और व्यस्त कॉरिडोर का निरीक्षण किया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टीमों को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटोग्राफ लेने के निर्देश दिए गए थे ताकि निरीक्षण रिपोर्ट में किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे।
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निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। कुल 127 सड़कों में से 17 सड़क खंडों पर भारी मात्रा में धूल दर्ज की गई। 25 सड़कों पर मध्यम स्तर की धूल पाई गई, जबकि 66 सड़कों पर धूल का स्तर कम रहा। सबसे अहम बात यह रही कि केवल 19 सड़कें ही ऐसी पाई गईं जो पूरी तरह साफ-सुथरी थीं। ये आंकड़े साफतौर पर संकेत देते हैं कि शहर में सड़क-धूल नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रयास आंशिक रूप से ही सफल हो पा रहे हैं और कई इलाकों में अभी गंभीर सुधार की जरूरत है।

कचरा और मलबा बना बड़ी वजह

जहां-जहां धूल का स्तर अधिक पाया गया, वहां एक जैसी समस्या सामने आई। सड़कों के किनारे ठोस कचरा और मलबे के ढेर पाए गए। खासतौर पर प्रमुख चौराहों, सर्विस रोड और व्यस्त मार्गों पर कूड़े के ढेर धूल बढ़ने का मुख्य कारण बने। कुछ स्थानों पर खुले में कचरा जलाने की घटनाएं भी सामने आईं, जो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमों का सीधा उल्लंघन हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क की धूल हवा में घुलकर पीएम-10 और पीएम-2.5 जैसे खतरनाक कणों का स्तर बढ़ाती है, जिससे सांस और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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नगर निगम को सख्त निर्देश

निरीक्षण के बाद सीएक्यूएम ने नगर निगम फरीदाबाद को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ कहा है कि ग्रेप के तहत लागू वैधानिक दिशानिर्देशों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम को धूल प्रभावित सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग की संख्या बढ़ाने, नियमित वाटर स्प्रिंकलिंग, सड़क किनारे पड़े कचरे और मलबे का तत्काल उठान तथा उनके वैज्ञानिक निपटान के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सीएक्यूएम ने नगर निगम को अपने आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करने और दोबारा सड़कों पर धूल जमा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
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