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वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने की बात कह लौटा दिए बच्चे

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फरीदाबाद बीके नागरिक अस्पताल में बच्चों को बिना कोरोना वैक्सीन लगाए ‍वापस भेजा । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। केंद्र सरकार की ओर से कोरोना टीकाकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों की अफसरशाही टीकाकरण पर हावी हो रही है। शनिवार को बीके नागरिक अस्पताल में 12 से 14 वर्ष के बच्चे टीकाकरण के लिए भटकते रहे, लेकिन कर्मचारियों ने टीके का स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। उधर, टीकाकरण नोडल ने जानकारी दी कि अभी हजारों की संख्या में वैक्सीन स्टॉक जिले में मौजूद है। जानकारी लगाने पर पता चला कि वायल बचाने के चक्कर में टीकाकरण के लिए कम संख्या में आने वाले बच्चों को वापस लौटाया जा रहा है।
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राजकीय बाल वरिष्ठ विद्यालय के विद्यार्थी शनिवार सुबह करीब 11 बजे टीकाकरण के लिए बीके नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां बच्चों को एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर भेजा गया। अंत में कार्बोवेक्स की डोज खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया गया। इसी तरह सेक्टर-23 निवासी 12 वर्षीय प्राची अपनी मां के साथ टीकाकरण के लिए बीके नागरिक अस्पताल पहुंची। प्राची ने बताया कि दो दिन पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने घर आकर टीकाकरण कराने के लिए कहा। ऐसे में वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची तो वहां टीका नहीं मिला। वहां से उन्हें बीके नागरिक अस्पताल में टीकाकरण के लिए भेजा गया। इसके बाद वह शनिवार को बीके नागरिक अस्पताल में टीकाकरण के लिए पहुंची। यहां उन्हें ब्लड बैंक के पास लगे टीकाकरण केंद्र पर टीका न होने की बात कहकर ओल्ड बिल्डिंग की ओर लगे महिला टीकाकरण केंद्र पर भेज दिया गया। ओल्ड बिल्डिंग केंद्र पर पहुंचने पर उसे फिर से ब्लड बैंक टीकाकरण केंद्र की ओर भेज दिया गया। अंत में दोनों केंद्र से टीका न होने की बात कहकर बच्ची को वापस लौटा दिया गया।
एक वाइल की 20 डोज बचाने के लिए बगैर टीकाकरण लौटाया
एनआईटी-5 स्थित बालिका विद्यालय में टीकाकरण शिविर लगाया गया। वहीं दूसरे नजदीकी स्कूल के विद्यार्थी टीकाकरण के लिए बीके नागरिक अस्पताल पहुंचे। करीब दस विद्यार्थी टीकाकरण के लिए आए, इसमें से तीन का टीकाकरण कर दिया गया। अन्य बच्चों को कार्बोवेक्स खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया गया। बाद में जानकारी लगी कि कर्मचारी एक वायल की 20 डोज खराब होने से बचाने के लिए ऐसा कर रहे थे। बीके अस्पताल की टीकाकरण प्रभारी डॉ. हेमा ने बताया कि दोपहर में एक-दो बच्चे अस्पताल में टीकाकरण के लिए आए। एक वायल में 20 डोज मात्र चार घंटे में इस्तेमाल करना जरूरी है। ऐसे में उन बच्चों को अगले दिन आने के लिए कह दिया गया। वैक्सीन का स्टॉक खत्म नहीं हुआ है। स्कूल यदि विभाग से संपर्क करता तो टीकाकरण में कोई परेशानी न होती।
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टीके का स्टॉक खत्म नहीं है। टीम से बात कर बेहतर प्रबंधन के साथ टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। वायल बचाने के बजाय शिविर लगाकर क्षेत्रवार हर दो किलोमीटर के दायरे में बच्चों को स्कूल व घर के आसपास ही टीकाकरण का लाभ देने की योजना अनुसार काम करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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- डॉ. मान सिंह, टीकाकरण नोडल अधिकारी
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