23 अक्तूबर को होगी शुरुआत, सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा जोर, बिजली से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक की होगी निगरानी
250 शिल्पकारों के शामिल होने की योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड में आयोजित होने वाले दिवाली मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 23 अक्तूबर को मेले का उद्घाटन करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल 26 अक्तूबर को समापन समारोह में शामिल होंगे। मेले को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बिजली, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है।
इस बार मेले में करीब 250 शिल्पकारों और हस्तशिल्प से जुड़े प्रतिभागियों को शामिल करने की योजना है। पर्यटन विभाग के एमडी पार्थ गुप्ता ने उपायुक्त आयुष सिन्हा की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए निर्धारित समयसीमा में व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शिल्पकारों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए अनुकूल माहौल देना है।
बिजली और अग्निशमन व्यवस्था की होगी जांच
मेले में अस्थायी विद्युत कनेक्शन, तारों, पोल और अन्य उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल किए जाएंगे। सभी स्टॉल और अस्थायी ढांचों की संरचनात्मक सुरक्षा के साथ अग्निशमन प्रबंधों की भी जांच होगी। वेंडरों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे।
पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम
उपायुक्त ने मेला परिसर, पार्किंग स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर भी रखे जाएंगे। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए मेला परिसर में आवश्यक सुविधाओं से युक्त डिस्पेंसरी संचालित की जाएगी। एंबुलेंस के साथ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
साफ-सफाई और पार्किंग पर भी ध्यान
नगर निगम और संबंधित विभागों को मेला परिसर व आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, सीवरेज और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय और सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। आवासीय क्षेत्रों और मेला परिसर के आसपास मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग तथा आवश्यक छिड़काव कराने पर भी जोर दिया गया है। खाद्य स्टॉलों और फूड कोर्ट में स्वच्छता बनाए रखने तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिल्पकारों को मिलेंगी सुविधाएं
बैठक में शिल्पकारों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों के प्रदर्शन के लिए आवश्यक इंतजाम करने पर चर्चा हुई। पर्यटकों की सुविधा के लिए बैंक एक्सटेंशन काउंटर और एटीएम जैसी बैंकिंग सुविधाओं की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। अधिकारियों को नियमित रूप से तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मेले में आने वाले पर्यटकों और शिल्पकारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में जिला परिषद की सीईओ शिखा, बड़खल के एसडीएम त्रिलोक चंद, सीटीएम अंकित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।