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Faridabad News: बजट से जिले के 76 हजार उद्योगों की किस्मत चमकेगी, एमएसएमई सेक्टर में आएगी तेजी

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विशेष केंद्र और नई इकाइयों के लगने से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। केंद्रीय बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए की गई बड़ी घोषणाओं से औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को सीधा लाभ मिलने जा रहा है। शहर में पंजीकृत करीब 76,142 उद्योगों के लिए सस्ते कर्ज और नई तकनीक के रास्ते खुल गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट की रियायतें फरीदाबाद के लाइट इंजीनियरिंग क्लस्टर को वैश्विक बाजार में नई मजबूती प्रदान करेंगी।

बजट की सबसे बड़ी उपलब्धि फरीदाबाद के लिए एविएशन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना की घोषणा है। वर्तमान में शहर की करीब 60 प्रतिशत इकाइयां ऑटोपार्ट्स, शीट मेटल और फेब्रिकेशन के काम में लगी हैं। अब ये इकाइयां विमानों के छोटे कलपुर्जे भी बना सकेंगी। इस विशेष केंद्र के माध्यम से उद्यमियों को डिजाइनिंग, क्वालिटी टेस्टिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल जाएगी। इससे स्थानीय उद्योगों को बड़े रक्षा और विमानन ऑर्डर मिलने का रास्ता साफ होगा। औद्योगिक विस्तार का सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा। विशेष केंद्र और नई इकाइयों के लगने से फरीदाबाद के स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्रों में हजारों नए अवसर पैदा होंगे। बजट में अप्रेंटिसशिप और स्किल ट्रेनिंग पर दिए गए जोर से उद्योगों को हुनरमंद कामगार मिलेंगे, जिससे बेरोजगारी की दर में कमी आएगी।
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सस्ते कर्ज से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
फरीदाबाद के उद्योगों में 38 प्रतिशत माइक्रो और 59 प्रतिशत लघु श्रेणी की इकाइयां हैं। बजट में घोषित क्रेडिट गारंटी स्कीम और ब्याज दरों में राहत से इन छोटे उद्यमियों को वर्किंग कैपिटल की समस्या नहीं होगी। इससे वे पुरानी मशीनों को बदलकर नई डिजिटल तकनीक अपना सकेंगे। उत्पादन लागत में कमी आने से फरीदाबाद का उत्पाद चीन जैसे देशों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा का मुकाबला कर पाएगा।
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अभी भी हैं चुनौतियां
हालांकि बजट घोषणाओं का स्वागत हो रहा है लेकिन उद्यमियों का कहना है कि इनका लाभ तभी मिलेगा जब बैंक लोन देने की प्रक्रिया को सरल करेंगे। दस्तावेजी जटिलताओं और तकनीकी प्रशिक्षण के अभाव को दूर करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। औद्योगिक संगठनों ने मांग की है कि बजट की इन योजनाओं को समय सीमा के भीतर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।
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