नगर निगम की तरफ से भी अस्पताल के आसपास कोई रैन बसेरा नहीं बनाया गया है
प्रशांत दीक्षित
फरीदाबाद। शहर के दिन प्रतिदिन सर्दी बढ़ती जा रही है लेकिन बादशाह खान (बीके) सिविल अस्पताल में तीमारदारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। खुले आसमान के नीचे सर्द रात काटने का मजबूर हैं। नगर निगम की तरफ से भी अस्पताल के आसपास कोई रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। वहीं अस्पताल में आम आदमियों के लिए खाने की व्यवस्था दो स्वयंसेवी संस्थाओं ने संभाल रखी है।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में 30 लाख के करीब आबादी है। इतनी बड़ी आबादी के लिए मात्र 200 बेड का एक बादशाह खान (बीके) सिविल अस्पताल है। वहीं आपातकालीन विभाग में 25 बेड हैं। जहां जिले भर से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इस कारण ज्यादातर समय अस्पताल के बेड फुल रहते हैं। भर्ती मरीजों के साथ कम से कम दो से तीन तीमारदार यहां रुकते हैं। वार्ड में रात के समय मरीज के साथ एक व्यक्ति के रुकने की इजाजत रहती है। ऐसे में बाकी तीमारदार को बाहर ही रात गुजारनी पड़ती है। उनके रुकने के लिए अस्पताल में कहीं कोई व्यवस्था नहीं है।
उस कारण तीमारदार खुले में रहने को विवश हैं। सर्दियों में ओपीडी की कुर्सियों पर बैठकर और खुले पार्क में रात गुजारते हैं। नगर निगम की तरफ से सर्दी में रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। जबकि उनके खाने की व्यवस्था शहर की दो स्वयंसेवी संस्थाओं ने संभाल रखी है। सुबह के समय एक ट्रस्ट लोगों को 10 रुपये में खाना खिलाता है। वहीं पैसे नहीं होने वालों को फ्री में भी खाना देते हैं। जबकि शाम के समय दूसरा ट्रस्ट तीमारदारों के लिए खाने की व्यवस्था करता है। बीके सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 2000 हजार के करीब मरीज देखे जाते है। जबकि आपातकालीन विभाग की ओपीडी में 2500 से ज्यादा मरीज माह में आते हैं।