महिला थाना एनआईटी में 6 अप्रैल 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
- बल्लभगढ़ निवासी प्रह्लाद ने दायर की थी अग्रिम जमानत याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फास्ट फूड शॉप कर्मचारी की मंगेतर युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी को अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिली। बल्लभगढ़ के रहने वाले प्रह्लाद के अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। इसे परेशान करने व रुपये वसूलने के लिए एफआईआर में गलत नाम शामिल किया गया है। ये पहली बार युवती से पुलिस थाने में ही मिला था और युवती ने इसे पहचाना तक नहीं था।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी ने अपने साथी अमित के साथ मिलकर युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस कई बार आरोपी के घर रेड कर चुकी है लेकिन ये गिरफ्तार से बचने के लिए भाग रहा है। वहीं युवती के अधिवक्ता ने भी अदालत में दलील दी कि युवती ने इसका नाम पुलिस को नहीं दिया और पुलिस ने कुछ खाली पेपर पर युवती के साइन करा लिए थे। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। महिला थाना एनआईटी में ये एफआईआर गैंगरेप, मारने की धमकी देने के आरोप में 6 अप्रैल 2024 को दर्ज हुई थी।