- 21 सितंबर की देर रात लगभग एक बजे हुई थी वारदात
- एसीपी के बेटे हिमांशु समेत तीन आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेंट्रल थाना इलाके में थार कार से टक्कर लगने से मौत मामले में वारदात के दौरान की कड़ियां जोड़ने में एसआईटी टीम जुटी है। हत्या की धारा हटाने के बाद अब केस में गैर इरादतन हत्या के एंगल से जांच चल रही है। पुलिस टीम ये जांच कर रही है कि आखिरकार उस दिन का पूरा घटनाक्रम क्या रहा। बहस शुरू होने के बाद लगभग एक किलोमीटर के दायरे में ये पूरा घटनाक्रम हुआ था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मामले में टीम जांच कर रही है।
एसआईटी सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में ये पता चला है कि मृतक मनोज के साथ उसके पक्ष के लगभग 10 युवक मौके पर पहुंचे थे। ये सभी थार कार के पास तक अपनी स्कॉर्पियो कार व बाइक से पहुंचे। वहां अपनी कार व बाइक से उतरकर सभी थार कार की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान थार कार सवार तीनों युवक यहां से बचकर निकलने लगे और कार भगाने के दौरान ही मनोज को टक्कर मारकर कार भगा ले गए।
आसपास के इलाके में पुलिस की टीम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक कर रही है। अब तक कोई ऐसी फुटेज पुलिस के हाथ नहीं लगी है जिसमें वारदात या इससे जुड़ा कुछ हिस्सा दिखाई दिया हो। मामले में जेल भेजे जा चुके हिमांशु, निशांत व केशव चौधरी के अलावा चौथे युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। वो युवक पलवल से आगे होडल के पास का रहने वाला पता चला है। वारदात के दौरान वो कार में मौजूद होना नहीं पाया गया। उसकी लोकेशन फरीदाबाद के इस इलाके में वारदात के दौरान थी ही नहीं।