बल्लभगढ़ (संदीप पाराशर)। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए भरकस प्रयास कर रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। इसका उदाहरण ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को लगाए गए कोविड-19 शिविरों में देखने को मिला। प्रशासन के अनुसार जिले के सात गांवों में कोरोना जांच को लेकर स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाना था। लेकिन इन शिविरों को लेकर पंचायतें और स्वास्थ्य विभाग आमने सामने नजर आए। सिर्फ तीन गांवों में ही सही से जांच होने की बात सामने आई है। चार जगह अव्यवस्थाओं की स्थिति रही। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनकी टीम को गांवों में सहयोग नहीं मिला जबकि गांवों के जनप्रतिनिधियों का कहना है स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में नहीं पहुंची।
स्वास्थ्य शिविर की जिम्मेदारी पंचायत विभाग को दी गई है। पंचायत विभाग ने ग्राम सचिव, सरपंच, गांव के चौकीदार, ट्यूबवेल ऑपरेटर के अलावा आगनवाड़ी वर्कर को इस काम में लगाया है। जहां पंचायत विभाग ने गांवों में स्वास्थ्य शिविर को लेकर तमाम तैयारियां की लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंची। सात गांवों में से केवल तीन स्थानों पर ही जांच शिविर का आयोजन हो सका, जबकि चार में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण निरंतर गांवों के जनप्रतिनिधियों व चौकीदारों से संपर्क बनाए रहे लेकिन देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग से कोई नहीं पहुंचा। दूसरी तरफ जिन गांवों में शिविर लगे वहां भी कुछ ग्रामीणों की जांच हो सकी।
गांवों में संक्रमण की चेन तोड़ने और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने पंचायत विभाग के सहयोग से गांव के कम्यूनिटी सेंटर, जवां अटाली के प्राथमिक स्कूल, हीरापुर के राजकीय मिडिल स्कूल, शाहजहांपुर गांव के वृद्धाश्रम, सिकरी गांव के राजकीय वरिष्ठ विद्यालय, पहलादपुर- बदरौला के राजकीय विद्यालय तो नवादा-तिगांव राजकीय वरिष्ठ विद्यालय में शिविर लगाकर ग्रामीणों को कोविड-19 जांच की बात कही गई थी। गांव में जनप्रतिनिधियों ने जमकर प्रचार किया ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण जांच करा सकें। लेकिन जवां अटाली, पहलादपुर-बदरौला व नवादा-तिगांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने के कारण जांच नहीं हो सकी।
जनप्रतिनिधि पक्ष :
गांव में जांच शिविर लगाया जाना था लेकिन यहां कोई नहीं पहुंचा। ग्रामीण अपनी जांच के लिए लगातार निश्चित स्थान पर पहुुंच रहे थे, लेकिन कोई टीम नहीं आई।
बेघराज नागर, सरपंच नवादा-तिगांव
गांव में जांच शिविर लगाया जाना था लेकिन यहां कोई नहीं पहुंचा। ग्रामीण फोन पर निरंतर स्वास्थ्य टीम के आने के बारे में जानकारी लेते रहे।
प्रिति,सरपंच पहलादपुर बदरौला
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारी टीम द्वारा सात गांवों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया लेकिन कई गांवों में सहयोग नहीं मिला। जिसकी वजह से टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉ. विजय मलिक, एसएमओ कोराली