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Faridabad News: शिष्य की प्रतिभा को निखारने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं शिक्षक

Wed, 04 Sep 2024 11:11 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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खेल का मैदान हो या शिक्षा का क्षेत्र, गुरू के मार्गदर्शन में बच्चे बढ़ रहे आगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बगैर गुरु लक्ष्य पाना संभव नहीं। चाहे वह खेल का मैदान हो या शिक्षा का क्षेत्र। आज यानी बृहस्पतिवार को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन जीवन में गुरु के महत्व के बारे में बताया गया है। खेल जगत में भी एक गुरु की भूमिका अहम होती है। जो अपने शिष्य की प्रतिभा को निखारने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। जिले में कई ऐसे खिलाड़ी हुए जिनके जीवन में शुरू का अहम योगदान रहा है। गुरु खिलाड़ियों की प्रतिभा को नहीं पहचानते तो शायद खेलों की दुनिया में वह महान खिलाड़ी के सफर में आगे नहीं बढ़ पाते। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी कई शिक्षकों ने देश व प्रदेश स्तर पर अपना नाम रौशन किया है।
ओलंपिक पदक विजेता मनु के पहले गुरु हैं अनिल जाखड़

ओलंपिक में दो पदक विजेता मनु भाकर ने मात्र 15 वर्ष की आयु में अपने गुरु अनिल जाखड़ से शूटिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ थी। इसके कारण उन्हें निखारने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई। मनु ने ओलंपिक में दो पदक जीतकर देश के साथ शूटिंग के अपने पहले गुरु का नाम रौशन कर दिया। मनु के गुरु का कहना है कि प्रशिक्षण शुरू करने के मात्र दो महीने बाद ही उन्होंने महेंद्रगढ़ में आयोजित शूटिंग चैंम्पियनशिप में पदक जीत लिया था। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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अनमोल ने बैडमिंटन के क्षेत्र में बनाई पहचान
अनमोल खरब ने मात्र आठ वर्ष की उम्र में सेक्टर सात स्थित केएल मेहता बैडमिंटन अकादमी में अभ्यास करना शुरू किया था। बचपन से ही वह शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त दुरूस्त थी। वह देश विदेश में अपनी पहचान बना चुकी है। अनमोल खरब के पहले गुरु संजय सपरा ने बताया कि अनमोल ने 13 वर्ष तक उनके पास प्रशिक्षण लिया। 13 वर्ष के आयु में राज्य स्तरीय चैम्पियनशिप में पदक जीत चुकी थी। वर्ष 2024 बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं है। अनमोल खरब आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है।
सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कर चुके हैं तैयार
झारखंड से आकर जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के किकबॉक्सर तैयार कर रहे हैं अंतरराष्ट्रीय कोच संतोष अग्रवाल। उन्होंने अभी तक वह सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को तैयार कर चुके है। उनकी सबसे कम आयु (10 वर्ष) की खिलाड़ी सौम्या भारद्वाज है, जिसने एक सप्ताह पहले हंगरी में आयोजित विश्व यूथ किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक जीता था। इसके अलावा उनके माध्यम से प्रशिक्षित कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं।
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राष्ट्रीय पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित
शिक्षक दिवस पर जिले की एनआईटी तीन स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल और निपुण हरियाणा की जिला प्रभारी अविनाशा शर्मा को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से वृहस्पतिवार से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने राजकीय स्कूल के विद्यार्थियों को नाटक के माध्यम से अग्रेजी पढ़ाने का असान तरीके से समझाने का मॉडल तैयार किया है। इसके साथ ही उन्होंने कई शिक्षकों को प्रशिक्षण करने के लिए रूप रेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।


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