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निकिता अपहरण मामले से छुटकारा चाहते हैं तौसीफ के परिजन

Wed, 31 Mar 2021 04:59 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद

सार

  • दो साल पुराने केस को बंद करने की अदालत से गुहार लगाई
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निकिता हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निकिता तोमर हत्याकांड का फैसला अदालत सुना चुकी है, लेकिन साल 2018 में हुए अपहरण का मामला अभी विचाराधीन है। ऐसे में निकिता के परिजनों ने पुराने केस को दोबारा से जांच के लिए खुलवाया था, जिसमें पुलिस ने तौसीफ के माता-पिता व चाचा को षड्यंत्र में शामिल होने का आरोपी बनाया है। तौसीफ के परिजनों ने अदालत से दो साल पुराने मामले को बंद करने की गुहार लगाई है, जिस पर पांच अप्रैल को सुनवाई होगी।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनीस खान ने बताया कि निकिता तोमर के साल 2018 में हुए अपहरण के मामले में परिजनों ने उसकी हत्या के बाद अदालत में अर्जी लगाकर दोबारा से मामले की जांच शुरू कराई थी। इसमें पुलिस ने तौसीफ के पिता जाकिर खान, मां असमीना व चाचा जावेद अहमद को अपहरण के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोपी बनाया था। 

तीनों आरोपी हाईकोर्ट से जमानत लेकर जांच में शामिल हो गए थे। अब तीनों ने सीआरपीसी की धारा 227 के तहत अदालत से गुहार लगाई है कि उन्हें केस के ट्रायल से बाहर किया जाए।
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उनका कहना है कि पुलिस के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि अपहरण में उनकी कोई भूमिका रही है। इसके साथ ही दो साल पहले हुई जांच या एफआईआर में भी तीनों में से किसी का नाम नहीं है। एसीपी स्तर की जांच के बाद दो साल पहले केस बंद कर दिया गया था। 

इतना ही नहीं निकिता व उसके पिता मूलचंद तोमर ने अदालत में केस को बंद करने का हलफनामा भी दिया था। अनीस खान का कहना है कि पांच अप्रैल को मामले में सुनवाई होनी है।
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