तिगांव तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। तिगांव तहसील इन दिनों फर्जीवाड़े का गढ़ बनती जा रही है। यहां फर्जी दस्तावेज के जरिये हरियाणा का निवास प्रमाणपत्र धड़ल्ले से बनाया जा रहा है। फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये ही लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
बल्लभगढ़ के रहने वाले निश्चित ने सीएम विंडो के माध्यम से शिकायत दी है। जिसमें आरोप लगाया है कि तिगांव तहसील में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए जा रहे हैं। जिनका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिरसी गांव की एक फाइल पर हरियाणा का निवास प्रमाणपत्र जारी किया गया।
दो मामले आए हैं सामने
उन्होंने बताया कि चिरसी के नंबरदार के स्थान पर बुढ़ेना गांव (सेक्टर-86) के किसी ललींदर कुमार नंबरदार के हस्ताक्षर हैं। दस्तावेज में 15 साल पुराना वोटर कार्ड लगाया गया है। जिसमें पता नेहरू कॉलोनी का दर्शाया गया है। जबकि प्रमाणपत्र चिरसी गांव का है। पटवारी ने भी हस्ताक्षर किए हुए हैं और तहसीलदार की निगरानी में यह प्रमाण पत्र पास किया गया। वहीं दूसरा खेड़ी गांव के रहने वाले व्यक्ति का निवास प्रमाणपत्र जारी किया गया। जिसमें फर्जी दस्तावेज के आधार पर तिगांव तहसील की ओर से प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।
जरूरतमंद लोगों का मारा जा रहा हक
फर्जी निवास प्रमाणपत्रों के सहारे सरकार से मिलने वाले आरक्षण, पेंशन, छात्रवृत्ति, राशन कार्ड, सरकारी नौकरी में स्थानीय कोटा जैसी योजनाओं का अनुचित फायदा ले रहे हैं। इससे न केवल जरूरतमंद लोगों का हक मारा जा रहा है, बल्कि सरकार के खजाने पर भी सीधा असर पड़ रहा है। तिगांव तहसील के नायब तहसीलदार जयप्रकाश का कहना है कि ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर इसको लेकर सीएम विंडो पर शिकायत की गई है तो वह उसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे।