करोड़ों रुपये से संवरेंगे पर्यटन केंद्र, विकास कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा गया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर के रूप में पहचान रखने वाले फरीदाबाद को अब पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। पर्यटन निगम की ओर से पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार किए गए बड़े विकास प्लान में फरीदाबाद के सूरजकुंड और बड़खल पर्यटन केंद्रों को प्राथमिकता दी गई है।
सूरजकुंड में करीब 10 करोड़ और बड़खल पर्यटन केंद्र में करीब 8 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा गया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही बड़े स्तर पर काम शुरू किया जाएगा। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा होंगे। योजना के अनुसार सूरजकुंड टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स और बड़खल लेक परिसर में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के साथ भवनों का नवीनीकरण, आधुनिक होटल और कन्वेंशन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। लंबे समय से रखरखाव और निवेश की कमी से प्रभावित इन केंद्रों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में यह अब तक की सबसे बड़ी पहल मानी जा रही है। फरीदाबाद दिल्ली से सटा हुआ जिला है और यहां हर वर्ष लाखों लोग आते हैं। खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अब सरकार इन परिसरों को स्थायी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।
सूरजकुंड कॉम्प्लेक्स को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
पर्यटन विभाग ने सूरजकुंड टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स के लिए करीब 10 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए हैं। इस राशि से परिसर में बने पुराने कमरों और भवनों का नवीनीकरण किया जाएगा। साथ ही नए सुइट्स और अतिथि कक्ष विकसित किए जाएंगे ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। कॉम्प्लेक्स के होटल, रेस्टोरेंट, बार और हेल्थ क्लब को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। विभाग का मानना है कि सूरजकुंड केवल मेले तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। इसी उद्देश्य से यहां सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कॉरपोरेट आयोजनों के लिए बेहतर ढांचा विकसित करने की योजना बनाई गई है।
भूमि विवादों के समाधान पर भी खर्च होगी राशि
सूरजकुंड क्षेत्र में वर्षों से लंबित भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद भी विकास कार्यों में बाधा बने हुए थे। पर्यटन निगम ने इस बार प्रस्तावित बजट का एक हिस्सा इन कानूनी मामलों और मुआवजा भुगतान के लिए भी निर्धारित किया है। अधिकारियों का मानना है कि विवाद खत्म होने के बाद विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और निवेश का रास्ता साफ होगा। कभी फरीदाबाद की पहचान रही बड़खल झील लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रही है। हालांकि झील में पानी संकट और पर्यावरणीय समस्याओं के कारण पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई थीं लेकिन अब सरकार आसपास के पर्यटन ढांचे को मजबूत कर इसे फिर से आकर्षण का केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है। बड़खल टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स के लिए करीब 8 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। यहां आधुनिक होटल, रेस्टोरेंट और कन्वेंशन हॉल विकसित किए जाएंगे। इससे कॉरपोरेट मीटिंग्स, शादी समारोह और सामाजिक आयोजनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके अलावा परिसर में बड़े स्तर पर लैंडस्केपिंग और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
एडवेंचर और वेलनेस पर्यटन पर भी जोर
पर्यटन विभाग अब पारंपरिक पर्यटन से आगे बढ़कर एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म पर भी फोकस कर रहा है। फरीदाबाद के पर्यटन परिसरों में साहसिक खेल गतिविधियां शुरू करने की योजना है। अरावली क्षेत्र से जुड़े होने के कारण यहां ट्रैकिंग, आउटडोर एक्टिविटी और एडवेंचर स्पोर्ट्स की अच्छी संभावनाएं मानी जा रही हैं। इसके साथ ही तनाव भरी शहरी जीवनशैली को देखते हुए वेलनेस सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। योग, फिटनेस और रिलैक्सेशन आधारित गतिविधियों से जुड़े केंद्र पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए फरीदाबाद एक वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो सकता है।
स्थानीय रोजगार और कारोबार को मिलेगा फायदा
पर्यटन परियोजनाओं का सबसे बड़ा असर स्थानीय रोजगार पर देखने को मिल सकता है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट और स्थानीय हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सूरजकुंड मेले के दौरान हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार मिलता है लेकिन अब वर्षभर पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थायी अवसर पैदा होने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग का लक्ष्य फरीदाबाद को औद्योगिक शहर की छवि के साथ अब एक विकसित पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा जैसे बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण फरीदाबाद में पर्यटन की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यदि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में सूरजकुंड और बड़खल क्षेत्र फरीदाबाद की नई पहचान बन सकते हैं।
वर्जन
इन विकास कार्यों से फरीदाबाद के पर्यटन को काफी बढ़वा मिलेगा, यहां आने वाले लोगों को पहले से भी अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। -हरविंदर यादव, पर्यटन विभाग जोनल हेड