ओडिशा के पर्यटन सचिव ने सूरजकुंड मेला स्थल पर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली की वादियों में 7 से 23 फरवरी तक 38वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आयोजन किया जाएगा। इस बार मेले के थीम स्टेट ओडिशा और मध्य प्रदेश हैं। ऐसे में ओडिशा के पर्यटन सचिव बलवंत सिंह शनिवार को हरियाणा पर्यटन निगम व मेला अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे।
मेला परिसर में मेले अथॉरिटी ने लगभग पूरी तैयारियां कर ली हैं। उड़ीसा के पर्यटन सचिव बलवंत सिंह ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिसके बाद बलवंत सिंह ने मौजूद अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान हरियाणा टूरिज्म कॉरपोरेशन के जीएम आशुतोष राणा, मेला प्रबंधक यू एस भारद्वाज व एजीएम हरविंद्र यादव मौजूद रहे।
इस बार सूरजकुंड मेले को डिजिटल रूप दिया गया है। पहली बार स्टॉल की बुकिंग ऑनलाइन की गई है। पूरी पारदर्शिता बनाए रखते हुए सूरजकुंड का यह शिल्प मेला डिजिटल प्लेटफार्म के साथ पर्यटन के क्षेत्र में आमजन के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है। मेले से जुड़े हर पहलू की जानकारी सूरजकुंड मेला डॉट कॉम डॉट इन पर उपलब्ध रहेगी। इस बार 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में उड़ीसा व मध्यप्रदेश थीम स्टेट हैं और बिम्सटेक देश -बांग्लादेश, भूटान, इंडिया, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका व थाईलैंड राष्ट्र भागीदार हैं। नॉर्थ ईस्ट हैंडलूम एंड हैंडीक्रॉफ्ट एसोसिएशन मेले का कल्चरल पार्टनर है, साथ ही दिल्ली मेट्रो टिकटिंग पार्टनर रहेगा।
इसके अलावा सूरजकुंड मेले में 4 चौपाल बनाई गई हैं। जिसमें मुख्य चौपाल, छोटी चौपाल, इसके अलावा दो अन्य चौपाल तैयार की गई हैं। जिसमें एक चौपाल का नाम नाट्यशाला है तो दूसरी चौपाल दिल्ली गेट के साथ मेगा स्टेज के नाम से जानी जाएगी। नाट्यशाला चौपाल पर दिल्ली एनसीआर के स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी अपनी प्रस्तुति देंगे। जिसमें सोलो डांस, मेहंदी और पेंटिंग शामिल हैं।