फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूरजकुंड मेला : महिलाओं को लुभा रहीं छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क साड़ियां

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फरीदाबाद। पश्चिमी वेशभूषा से परे छत्तीसगढ़ अपनी टसर सिल्क साड़ियों के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है, जिसे कोसा सिल्क के नाम से भी जाना जाता है। अपनी इसी पहचान के साथ छत्तीसगढ़ से मोहम्मद इरशाद अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में आए हैं। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से लगाए गए स्टॉल पर सजीं सिल्क की साड़ियां महिला पर्यटकों को काफी पसंद आ रही हैं। स्टॉल में रखीं टसर सिल्क की साड़ियों पर जरदोजी वाली जरी की गई है, जो बरसों से चली आ रही भारतीय संस्कृति और परंपरा को उजागर कर रही हैं।
विज्ञापन

मोहम्मद इरशाद ने बताया कि सूरजकुंड मेले में चौथी बार आने का मौका मिला है। छत्तीसगढ़ में टसर सिल्क व घीचा सिल्क की साड़ियां काफी प्रसिद्ध हैं। हमारे स्टॉल में टसर सिल्क की साड़ियां हैं, जिस पर जरदोजी वाली जरी की गई है, जिसकी कीमत 2500 रुपये है। यह छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल में भी तैयार की जाती हैं। गोल्डन जरी से सजी घीचा सिल्क साड़ी 4500 रुपये में मिल रही है। सबसे महंगी साड़ी 5500 रुपये की है। इरशाद ने बताया कि बाजार में यही साड़ियां 11 हजार में मिलेंगी। यहां के मुकाबले कीमत दोगुनी हैं। साड़ियों के अलावा स्टॉल में ब्लॉक पेंटिंग, खादी, मटका और टसर कॉटन भी बेचे जा रहे हैं, इनकी कीमत 1250 से लेकर 1500 रुपये हैं। सूट, साड़ी, स्टॉल और दुपट्टों से सजा स्टॉल महिलाओं को लुभा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें