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खरना पर गुड़ और दूध की खीर से किया सूर्य देव का पूजन

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फरीदाबाद में छठ पूजा का सामान खरीद कर ले जाती महिला । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। छठ महापर्व के दूसरे दिन का व्रत खरना के साथ संपन्न हुआ। शुक्रवार शाम को व्रत रखने वाली महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपने तीसरे दिन के व्रत को पूरा करेंगी। इस बार कोरोना महामारी के कारण छोटे-बड़े छठ घाटों पर अर्घ्य देने की प्रशासन की ओर से रोक लगा दी गई है, जिससे भीड़ न हो सके। साथ ही प्रशासन ने लोगों से घरों में पूजा करने की अपील की है। उधर, महापर्व के दूसरे दिन भी बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिली।
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जिले में करीब छह लाख पूर्वांचल के लोग रहते हैं। हर वर्ष छठ पर्व पर धूमधाम से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। घाट सजाए जाते हैं। यहां पूजा अर्चना की विशेष व्यवस्था की जाती है। इस बार कोरोना संक्रमण आस्था में बाधा बन गया है, मगर श्रद्धालुओं का विश्वास उतना ही बढ़ा है। बृहस्पतिवार को व्रतियों ने देर शाम खरना व्रत की परंपरा निभाई। सुबह पानी में गंगा जल डालकर व्रती महिलाओं ने स्नान आदि किया। दोपहर बाद से प्रसाद की तैयारियों में जुट गईं।
इस दौरान मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और दूध की खीर व रोटी बनाई। सूर्यास्त के समय भगवान सूर्य को नमस्कार कर खरना का प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही सूर्य षष्ठी व्रत की शुरुआत हो गई। खरना व्रत के संपन्न होते ही शुक्रवार से व्रतियों का 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा। फिर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद शनिवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व संपन्न किया जाएगा।
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छठ पूजा पर विशेष संयोग
एनआईटी स्थित प्राचीन काली मंदिर के महंत पंडित राकेश तिवारी के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों का इस बार विशेष संयोग बन रहा है जिससे पूजा का फल कई गुना अधिक मिलेगा और व्रतियों की मनोकामना जल्द पूरी होगी। इस बार छठ पर्व की शुरुआत ही रवियोग में हो रही है और ये योग हर दिन बन रहा है। खास बात तो यह है कि भगवान सूर्य को दोनों अर्घ्य रवियोग में ही दिये जाएंगे। ये संयोग सूर्य की विशेष स्थिति के कारण बनता है।
छठ पर्व पर सूर्य की आराधना का महत्व
एसजीएम नगर स्थित वैष्णो देवी मंदिर पंडित लक्ष्मीनाराण शास्त्री ने बताया कि छठ पूर्व में सूर्य की आराधना का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठी माता को सूर्य देवता की बहन माना जाता हैं। छठ पर्व में सूर्य की उपासना करने से छठ माता प्रसन्न होती हैं और घर परिवार में सुख शांति और संपन्नता प्रदान करती हैं।
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