फरीदाबाद। तिगांव के जसाना गांव में दंपती सुखबीर-मोनिका हत्याकांड को लेकर मृतक सुखबीर के परिजनों ने पुलिस आयुक्त ओपी सिंह से सोमवार को उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान सुखबीर के पिता रिछपाल ने इस मामले में एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके माध्यम से उन्होंने मामले की जांच एसीपी या डीसीपी स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की है।
रिछपाल ने ज्ञापन में कहा कि उनके बेटे सुखबीर और पुत्रवधु मोनिका की हत्या का मामला पुलिस ने मोनिका के पिता रामबीर की शिकायत पर दर्ज किया है। जांच के दौरान रामबीर का बेटा ब्रह्मजीत जोकि जसाना गांव का ही निवासी है। वह इस हत्याकांड में गिरफ्तार हुआ है। उसी ने इस घटना की साजिश रची थी। ब्रह्मजीत का साला विष्णु व उसके साथ तीन अन्य व्यक्ति जतिन, कुलदीप उर्फ कैलाश और सोनू भी गिरफ्तार हुए थे। पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच से यह प्रतीत होता है कि न केवल ब्रह्मजीत बल्कि उसकी पत्नी भी इस साजिश में भागीदार थी। इसके बावजूद अब तक पुलिस ने न तो उसकी पत्नी और न ही उसके परिवार के अन्य लोगों की भूमिका की जांच की।
सुखवीर के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि ब्रह्मजीत के पिता रामबीर उसी गांव के थे। मृतक के घर के पास रहने की वजह से मौके पर हमारे पहुंचने से पहले पहुंचे गए थे। इस परिवार ने इस बात का भरपूर फायदा उठाकर और बेरहमी से की गई इन हत्याओं को अलग मोड़ देने के लिए असलियत छुपाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। उन्होंने इस मामले की जांच एसीपी/डीसीपी स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की है।
सुखबीर व उसकी पत्नी मोनिका का गांव जसाना में 11 अगस्त को सर्जिकल टेप से हाथ-पैर बांध कर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में थाना तिगांव में मामला दर्ज कर क्राइम ब्रांच ने मोनिका के भाई व उसके साले समेत मेरठ के तीन शूटरों को भी गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश किया था।