जिले में पंजाबी समुदाय त्रस्त, नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं
बाबा दीप सिंह पार्क में रविवार को कम्यूनिटी संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में लाखों की संख्या में पंजाबी समुदाय के लोग रहते हैं। आजादी के 76 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। आज भी यहां पुरानी सीवर लाइन डली हुई है। इस कारण आए दिन यहां जलभराव की समस्या बनी रहती है। वहीं, बरसात के दिनों में क्षेत्र की स्थिति और बदतर हो जाती है। क्षेत्र के लोग आज भी मूलभूत समस्याओं के लिए जूझ रहे हैं। इस क्षेत्र में सबसे बड़ा संकट पीने के पानी का है। लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लोगों ने ये समस्याएं रविवार को बाबा दीप सिंह पार्क में आयोजित पंजाबी कम्युनिटी संवाद में बताई।
हरियाणा पंजाबी संस्कृति संगठन का प्रदेश अध्यक्ष हरीश चंद्र आजाद, अश्विनी कालरा, सुखदेव सिंह, जगजीत कौर, निशा ने बताया कि स्मार्ट सिटी में करीब 3 लाख से अधिक पंजाबी समुदाय के लोग रहते हैं। जिनमें से डेढ़ लाख लोग एनआईटी में रहते हैं। इन लोगों को अभी तक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि जिस समय उनके दादा परदादा इस क्षेत्र में रहने के लिए आए थे। तब से आज तक सीवर लाइन को बदला नहीं गया है। वहीं, पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल तो लगा दिए लेकिन उसमें साफ और मीठा पानी नहीं आता है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पंजाबी समुदाय के लोगों को महत्व देते हुए पंजाबी प्रत्याशी को सीट दे दी जाती है। चुनाव के दौरान क्षेत्र के विकास के वादे किए जाते हैं। जब वह पंजाबी प्रत्याशी जीत जाता है तो उसके बाद पंजाबी समुदाय के लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए कोई भी नहीं आता है।
पंजाबी समुदाय नहीं है रिफ्यूजी
जगजीत कौर का कहना है कि पंजाबी समुदाय के लोगों को रिफ्यूजी कहा जाता है। जबकि देश का जब बंटवारा हुआ था तो उनको यहां पर आकर बसना पड़ा था। वह रिफ्यूजी नहीं हैं। वह भारत देश के ही निवासी हैं। उनको रिफ्यूजी कहना गलत है। क्योंकि आज जो एनआईटी बसा हुआ है वह उन्हीं पंजाबी समुदाय की वजह से बसा हुआ है। एनआईटी क्षेत्र में ही करीब डेढ़ लाख से अधिक पंजाबी समुदाय के लोग रहते हैं और इसी वजह से चुनाव के दौरान बड़खल विधानसभा और एनआईटी विधानसभा में पंजाबी समुदाय के प्रत्याशी को ही सीट दी जाती है।
लोगों से बात
देश को आजाद हुए 75 साल से अधिक समय हो चुका है, बावजूद इसके लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। - हरीश चंद्र आजाद
मूलभूत सुविधाएं सिर्फ पंजाबी समुदाय को नहीं, बल्कि आम जनता को भी मिलनी चाहिए। ताकि उनको कोई परेशानी न हो। - जगजीत कौर
लोगों का कहना है कि पंजाबी समुदाय रिफ्यूजी होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है पंजाबी समुदाय रिफ्यूज नहीं बल्कि भारत का ही एक हिस्सा हैं। - कुलदीप सिंह
चुनाव के दौरान तो पंजाबी समुदाय के लोगों को महत्व दिया जाता है लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को हल करने के लिए कोई भी आगे नहीं आता है। - निशा कुकरेजा