फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: रुचि और सुविधा के अनुसार विषय चुन सकेंगे विद्यार्थी

विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कोई भी विषय अनिवार्य नहीं होगा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी व गैर सरकारी महाविद्यालयों में स्नातक में दाखिले की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अब कुल आठ विषय पढ़ने होंगे। इनमें से सभी विषय विद्यार्थी अपनी रुचि और सुविधा के अनुसार चुन सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत कोई भी विषय अनिवार्य नहीं होगा। विद्यार्थी रोजगारपरक, कौशल आधारित और अध्ययन विषयों का चयन अपनी पसंद और कॅरिअर लक्ष्यों के अनुसार कर सकेंगे।
पहले की व्यवस्था में स्नातक छात्रों के लिए हिंदी और अंग्रेजी अनिवार्य विषय होते थे और इसके अतिरिक्त एक ऐच्छिक विषय सहित कुल चार या पांच विषय पढ़ने पड़ते थे। अब विद्यार्थियों को 20 विषयों की सूची में से अपनी पसंद के अनुसार विषय चुनने की स्वीकृति होगी। इस सूची में रोजगारपरक और कौशल विकास से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
विज्ञापन

विशेषज्ञों के अनुसार, विद्यार्थी अब कंप्यूटर एप्लीकेशन, कंप्यूटर साइंस, डिफेंस स्टडीज, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, हिंदी, इतिहास, गृह विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, संगीत (वाद्य और गायन), शारीरिक शिक्षा, राजनीति शास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन, संस्कृत, समाजशास्त्र और योग जैसे विषयों में से चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
इसके अलावा, बीएससी पाठ्यक्रमों में भी बदलाव किए गए हैं। बीएससी मेडिकल और नॉन मेडिकल को अब नए नाम दिए गए हैं। मेडिकल स्ट्रीम को अब ''लाइफ साइंस'' और नॉन मेडिकल स्ट्रीम को ''फिजिकल साइंस'' कहा जाएगा। लाइफ साइंस में विद्यार्थी विज्ञान संकाय के साथ कंप्यूटर साइंस, भूगोल या अन्य विषय चुन सकेंगे। वहीं, फिजिकल साइंस में भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, भूगोल, भूगर्भविज्ञान, कंप्यूटर साइंस, अंग्रेजी और हिंदी जैसे विषय शामिल होंगे।
इसके अलावा, इंटरडिसिप्लिनरी (बहुविषयक) पाठ्यक्रमों की व्यवस्था भी की गई है। अब विद्यार्थी बीकॉम, बीसीए, बीबीए, होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग जैसे पाठ्यक्रमों का चयन भी कर सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को रोजगार से जोड़ने के अधिक अवसर प्रदान करना और उनकी रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता देना है।
विज्ञापन

वर्जन
नई नीति के तहत स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को आठ विषय पढ़ने होंगे। वह अपनी पसंद के विषय चुन सकेंगे। पहले उन्हें हिंदी, अंग्रेजी के अलावा कुछ विषय पढ़ना जरूरी था। इस बदलाव से विद्यार्थियों को लाभ होगा। -डॉ. सुनील कुमार, वरिष्ठ प्रोफेसर खेड़ी गुजरान महाविद्यालय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें