- 80 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों स्थापित की जाएंगी टेक स्किल लैब
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। छात्रों को कोडिंग, कंप्यूटिंग और रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए जिले के 80 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में टेक स्किल लैब स्थापित की जाएंगी। यह लैब एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) स्थापित करवाएगी।
इन लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि तकनीकी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार इन टेक स्किल लैब में विद्यार्थियों को तकनीक के बदलते स्वरूप से परिचित कराया जाएगा। छात्र कंप्यूटर, प्रोग्रामिंग, कोडिंग की शुरुआती जानकारी, रोबोटिक्स के सिद्धांत और डिजिटल उपकरणों के उपयोग को समझ सकेंगे।
उन्हें इंजीनियरिंग से जुड़े मूलभूत विषयों की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि भविष्य में तकनीकी शिक्षा की ओर जाने वाले विद्यार्थियों को बेहतर आधार मिल सके। सबसे महत्वपूर्ण छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में सिखाया एवं पढ़ाया जाएगा। इस तरह के प्रयोग से छात्र आत्मनिर्भर बनेंगे और भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। बता दें कि पहले चरण में जिले के 80 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में नई तकनीक से लैस लैब सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद वर्ष 2027 तक सभी सरकारी स्कूलों में टेक स्किल लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
छठी से 12 वीं कक्षा के छात्रों को मिलेगा लाभ
स्किल लैब का लाभ छठी से 12वीं कक्षा के छात्रों को मिलेगा। एससीईआरटी ने पूरा प्रारूप तैयार कर लिया है। इसका पाठ्यक्रम भी तय हो गया। इन स्किल लैब में एक तरह से व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। टेक स्किल लैब में विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा दी जाएगी, जिससे उनकी रचनात्मक सोच और समस्या समाधान क्षमता विकसित हो सके।
शिक्षा निदेशालय द्वारा स्कूलों में स्किल लैब बनाई जानी है। अगले वर्ष से छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। उपकरण भी निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।-अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी