फरीदाबाद। कोरोना काल की दूसरी लहर में जारी हुआ बोर्ड परीक्षा का परिणाम इस बार बच्चों की शैक्षणिक योग्यता को नहीं बल्कि शिक्षा प्रणाली को उजागर कर रहा है। शुक्रवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) ने दसवीं कक्षा का परिणाम जारी कर दिया। इसमें जिले के 872 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। वहीं, विद्यार्थियों व स्कूल के सामने ऐसी स्थिति रही कि जिला टॉपर तो दूर स्कूल का टॉपर ढूंढना भी चुनौती बना रहा। अमूमन हर स्कूल में 50 फीसदी से अधिक विद्यार्थी शत-प्रतिशत अंकों के साथ पास हुए।
कोरोना काल से पूर्व बोर्ड परीक्षा को लेकर छह माह पहले से ही तैयारी और परीक्षा संचालन को लेकर रस्साकसी शुरू हो जाती थी। बीते वर्षों की बात करें तो जिले को पास प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगातार जूझना पड़ रहा था। लाख कोशिशों के बावजूद पांच वर्षों में जिले का पास प्रतिशत 60 फीसदी तक भी नहीं पहुंच सका। वर्ष 2019 में 46 फीसदी रहा। इस दौरान 10वीं कक्षा के लिए 22,656 परीक्षार्थी बोर्ड मू्ल्यांकन के लिए परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें से 50 फीसदी भी पास नहीं हो सके थे। इसी तरह वर्ष 2020 में कोरोना काल में जारी किया गए परीक्षा परिणाम में 21,825 परीक्षार्थी शामिल रहे। जिनमें से 59.6 फीसदी विद्यार्थी ही पास हो सके। वहीं री-अपीयर विद्यार्थियों की संख्या दो हजार से अधिक रही। वहीं, इस वर्ष परीक्षा परिणाम को लेकर उत्साह कम ही दिखाई दिया। लेकिन विद्यार्थी असमंजस में रहे कि परीक्षा होगी कि नहीं। आखिरकार विद्यार्थियों के हितों का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने पर सहमति हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिशा में पहल की। सीबीएसई की तर्ज पर एचबीएसई ने यह निर्णय लिया। प्रदेश बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी करने में भी तेजी दिखाई और शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम जारी कर दिया।
10वीं कक्षा का पास परिणाम (वर्षों में)
वर्ष परीक्षार्थी पास री-अपीयर फेल पास प्रतिशत
2019 22656 10518 946 11192 46.42
2020 21825 13025 2230 6570 59.68
2021 20188 20188 00 00 100
कोरोना से पहले बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में शिक्षक व विद्यार्थियों ने जुटकर मेहनत की। ऐसा नहीं कि बिना मेहनत ही परिणाम जारी हो गया बल्कि मूल्यांकन का मौका नहीं मिला। इसके लिए आगे भी कई मौके मिलेंगे। कोरोना की दूसरी लहर जानलेवा साबित हुई। इस कारण आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों को पास किया गया है। पहली बार दसवीं में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई का मौका मिला है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों से गुजारिश है कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द दाखिला लें। अपना मूल्यांकन करते हुए संकाय का चुनाव करें। यदि जारी परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें परीक्षा का भी मौका मिलेगा। उन्हें 12वीं कक्षा में भी एक कसौटी पार करनी है। ऐसे में इस बोर्ड परीक्षा परिणाम को मंजिल न मानें। पड़ाव समझते हुए आगे की तैयारियों में जुट जाएं। - रितु चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी