संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। मंगलवार रात दशहरा मेला देखकर आ रहे छात्र की तीन लड़कों ने पेचकस मारकर हत्या कर दी। मृत छात्र चार बहनों का इकलौता भाई था। कुछ दिन पहले उसने छोटे बच्चों के झगड़े में बीच बचाव कराया था। इस बात से आरोपी उससे रंजिश मान बैठे थे। वारदात के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। थाना सेक्टर-8 पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कृष्णा कॉलोनी निवासी सुरेश कुमार सेक्टर-13 स्थित निजी कंपनी में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी चार बेटियां हैं। जबकि एक पुत्र सन्नी कुमार (20) है। वह दसवीं कक्षा में पढ़ता था। कुछ दिन पहले उसका काॅलोनी में ही रहने वाले युवक गुनित से झगड़ा हुआ था। झगड़े के बारे में उसने अपने पिता को बताया था। 24 अक्तूबर की रात साढ़े नौ बजे सन्नी और उसका दोस्त साहिल दशहरा ग्राउंड फरीदाबाद से मेला देखकर घर आ रहे थे। दोनों अंबेडकर चौक कृष्णा काॅलोनी पहुंचे थे। आरोप है कि कॉलोनी निवासी हंसराज, गुनित व सन्नी ने उनके बेटे सन्नी कुमार से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। हंसराज ने पेचकस से सन्नी कुमार पर हमला कर दिया और फरार हो गए।
उन्हें घटना की जानकारी पड़ोसियों से मिली। वह बेटे को उपचार के लिए बीके अस्पताल लेकर गए। देर रात उसकी हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। परिजन उसको निजी अस्पताल ले गए। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सेक्टर-8 थाना प्रभारी नवीन ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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बच्चों की लड़ाई में बीच बचाव कराना पड़ा महंगा
मृतक के दोस्त साहिल ने बताया कुछ दिनों पहले कॉलोनी में कुछ बच्चों के बीच झगड़ा हो रहा था। उस दौरान सन्नी और साहिल ने बीच-वचाव करा दिया। उस दिन से आरोपी सन्नी से रंजिश माने बैठा था। एक आरोपी ने मृतक के दोस्त की बहन के साथ भी छेड़छाड़ की थी। इस आज पर भी उसका आरोपियों से झगड़ा हुआ था।
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मौसी ने की बचाने की कोशिश
मौसी विनीता ने बताया कि यह घटना उसके घर के सामने हुई। उसने सन्नी को बचाने के लिए आरोपियों के ऊपर लाठी से हमला भी किया, लेकिन उनकी संख्या ज्यादा होने की वजह से वह कुछ नहीं कर पाईं। शोर मचाने पर काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
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10 मिनट पहले मां से हुई थी बात
सन्नी की मां ने बताया कि उनकी घटना से करीब 10 मिनट पहले फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बेटे से कहा कि उसकी छोटी बहन भी दशहरा मेला देखने के लिए गई है। उसको भी साथ ले आना। उसने कहा कि वह कॉलोनी के मंदिर पर पहुंच गया है। लगभग एक घंटे तक जब सन्नी घर पर नहीं आया तो परिजनों ने ढूंढा। इसके बाद घटना के बारे में पता चला।