फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: फिरौती के बाद युवक की हत्या करने की रची थी साजिश

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना पुलिस ने छात्र अपहरण मामले में आगरा से गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि युवक उनको अच्छी तरह से पहचानता था। ऐसे में उनकी मंशा एक करोड़ रुपये फिरौती के बाद युवक की हत्या करने की थी। आरोपी उसे मैनपुरी लेकर जा रहे थे।
फरीदाबाद के बिल्डर और फर्नीचर व्यवसायी आशीष अग्रवाल के इकलौते बेटे ईशांत अग्रवाल (18) का मंगलवार को उसकी ही कार में अपहरण कर लिया गया। पुलिस ने खंदौली के टोल प्लाजा पर कार की घेराबंदी करके उसे कार की डिकी से मुक्त कराया था। पुलिस रिमांड के दौरान सामने आया आरोपी आकाश यादव दो वर्ष पहले चेन स्नैचिंग मामले में वांछित था। आरोपियों की योजना एक करोड़ रुपये फिरौती मांगने की थी। फिरौती मिलने के बाद आरोपी उसकी हत्या कर सकते थे। हालांकि उनके मंसूबे परवान चढ़ते उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

अनखीर चौकी पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसका साथी दोनों यूपी के मैनपुरी के निवासी हैं। दोनों एक दूसरे को पहले से जानते थे। युवक के पिता बिल्डर हैं। ऐसे में उनके बेटे का अपहरण कर मोटी रकम वसूलने की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने मंगलवार दोपहर 18 वर्षीय ईशांत अग्रवाल को उसकी कार समेत बड़खल झील से अगवा कर लिया। नोएडा होते हुए उसे टुंडला से होकर आगरा ले जा रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी आकाश यादव और आशीष यादव को बुधवार सुबह आगरा से फरीदाबाद लाया गया। उन्हें अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी आकाश के खिलाफ साल 2021 में एक चैन स्नैचिंग का मामला दर्ज हैं। आरोपी तभी से फरार था।
-
दिवाली की छुट्टी पर घर आया थ ईशांत
आशीष अग्रवाल फरीदाबाद की सैनिक कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनका बेटा ईशांत पुणे के एक काॅलेज से बीबीए कर रहा है। वह दिवाली से पहले छुट्टी पर घर आया था। परिजन ने पुलिस को बताया कि ईशांत की चचेरी बहनें नोएडा और गाजियाबाद में रहती हैं। मंगलवार को उसे बहनों के घर टीका कराने जाना था।

-
फास्टैग मैसेज से हुई जानकारी

सुबह 9:30 बजे ईशांत को चालक आकाश यादव घर से लेकर चला था। उन्हें नोएडा के सेक्टर 44 पहुंचना था। वहां पर ईशांत के जीजा पारस गुप्ता रहते हैं, वह सराफ हैं। पिता ने एक घंटे बाद बेटे को फोन किया। फोन स्विच ऑफ आया। इस पर चालक का नंबर मिलाया। उसका नंबर भी नहीं लगा, वह घबरा गए। उन्होंने पारस गुप्ता को कॉल किया। उन्होंने साले के घर नहीं आने के बारे में बताया। दोपहर एक बजे फास्टैग से मैसेज आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर गाड़ी का टोल कटा था।
-
आगे ट्रक लगाकर गाड़ी को रुकवाया
यमुना एक्सप्रेसवे पर जहां टोल कटा था। नोएडा के सेक्टर-44 से जेवर टोल की दूरी करीब 65 किलोमीटर है। उन्होंने कॉरिडोर कंट्रोल के हेल्प लाइन नंबर पर जानकारी दी। इसके बाद पारस गुप्ता को कॉल किया। उन्होंंने नोएडा पुलिस को साले के साथ अनहोनी की जानकारी दी। पुलिस हरकत में आ गई। कॉरिडोर टीम ने खंदौली टोल प्लाजा पर कर्मचारियों को बताया। इस पर खंदौली-एत्मादपुर पुलिस की मदद से रास्ता रोका गया। आगे ट्रक लगाकर गाड़ी को रुकवाया गया।
विज्ञापन


-
चलती गाड़ी में ही डिकी में डाला

पुलिस ने चालक आकाश यादव और उसके साथी आशीष यादव को गिरफ्तार किया। मगर, ईशांत गाड़ी में नजर नहीं आ रहा था। इस पर आरोपियों से पूछताछ कर डिकी खोली। ईशांत उसमें पड़ा हुआ था। उसने बताया कि घर से निकलते ही 20 मिनट बाद आकाश ने गाड़ी को रोक दिया। अपने साथी को बुला लिया। उसने गाड़ी में बैठते ही उस पर तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। वह रोने लगा। इस पर उसे चलती गाड़ी में ही सीट हटाकर डिकी के अंदर कर दिया। वह घबरा रहा था। शोर भी मचाया, लेकिन किसी ने आवाज नहीं सुनी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें