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टीचर का टॉर्चर: स्कूल में छात्र को दी थर्ड डिग्री, बच्चों से पकड़वाए पैर... तलवों पर मारे तड़ातड़ डंडे; Video

Wed, 17 Dec 2025 06:05 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

फरीदाबाद के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले नौवीं कक्षा के एक छात्र की बेरहमी से पिटाई की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें एक शिक्षक छात्र को पीटते हुए दिख रहा है।
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छात्र को पीटते हुए एक शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सारन थाना क्षेत्र स्थित राजकीय विद्यालय में नौवीं कक्षा के छात्र को स्कूल से बंक करना भारी पड़ गया। मंगलवार सुबह स्कूल पहुंचते ही शिक्षक ने छात्र के तलवों पर जमकर डंडे बरसाए। 

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घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी शिक्षक पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, छात्र सोमवार को स्कूल नहीं आया था। मंगलवार को जैसे ही वह स्कूल पहुंचा, शिक्षक ने उसे बंक मारने का कारण पूछते हुए उसकी पिटाई कर दी। वीडियो में शिक्षक को छात्र के तलबे पर डंडे मारते हुए पाया गया। वीडियो में यह भी सामने आया है कि शिक्षक ने केवल एक नहीं, बल्कि दो छात्रों की पिटाई की। वीडियो के वायरल होते ही अभिभावकों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने आरोपी शिक्षक पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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परिजनों ने बताया कि शिक्षक ने सोमवार को छात्र के स्कूल बंक करने की सूचना उसके पिता को दी थी। पिता ने शिक्षक से बच्चे को समझाने की बात कही थी, लेकिन शिक्षक ने मनमानी करते हुए छात्र की पिटाई कर दी। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक को इस तरह शारीरिक दंड देने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं शिक्षा विभाग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। बुधवार को स्कूल प्रबंधन और पीड़ित छात्र का बयान भी दर्ज कर लिया गया है।



 
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पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि वायरल वीडियो मिलने पर सारन थाना पुलिस ने स्कूल पहुंचकर जांच की। पीड़ित छात्र और अन्य लोगों के बयान लेने के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है।

घटना के बाद स्कूल परिसर और स्थानीय क्षेत्र में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं न केवल मानसिक तनाव बढ़ाती हैं, बल्कि शारीरिक दंड को बढ़ावा देती हैं। यह कानूनन अपराध है।

संबंधित स्कूल के शिक्षक और प्राधानचार्य से इस बारे में बात की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।---- अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी

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