परिजनों ने बताया कि शिक्षक ने सोमवार को छात्र के स्कूल बंक करने की सूचना उसके पिता को दी थी। पिता ने शिक्षक से बच्चे को समझाने की बात कही थी, लेकिन शिक्षक ने मनमानी करते हुए छात्र की पिटाई कर दी। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक को इस तरह शारीरिक दंड देने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं शिक्षा विभाग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। बुधवार को स्कूल प्रबंधन और पीड़ित छात्र का बयान भी दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि वायरल वीडियो मिलने पर सारन थाना पुलिस ने स्कूल पहुंचकर जांच की। पीड़ित छात्र और अन्य लोगों के बयान लेने के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है।
घटना के बाद स्कूल परिसर और स्थानीय क्षेत्र में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं न केवल मानसिक तनाव बढ़ाती हैं, बल्कि शारीरिक दंड को बढ़ावा देती हैं। यह कानूनन अपराध है।
संबंधित स्कूल के शिक्षक और प्राधानचार्य से इस बारे में बात की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
---- अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी