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Faridabad News: पानी की गुणवत्ता पर सख्ती, हर गांव में होगी सैंपलिंग

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-जिला जल एवं सीवरेज मिशन की हुई बैठक, 65 गांवों में पेयजल योजनाएं पंचायतों को सौंपी गईं
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने और जल जीवन मिशन की योजनाओं के बेहतर संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित जिला जल एवं सीवरेज मिशन की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी गांवों में नियमित सैंपलिंग, क्लोरिनेशन और पानी की लैब टेस्टिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।

बैठक में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता, जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई योजनाओं के हस्तांतरण तथा ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता राहुल बेरवाल, जिला सलाहकार सत्यनारायण नेहरा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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चरणबद्ध तरीके से होगी पानी की जांच

उपायुक्त ने कहा कि जिन गांवों में बाहरी स्रोत से पानी की आपूर्ति की जा रही है वहां विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे गांवों में नियमित क्लोरिनेशन और बैक्टीरियल टेस्टिंग कराई जाए। साथ ही पानी में हैवी मेटल की जांच भी चरणबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल गुणवत्ता की रिपोर्ट समय पर तैयार कर जिला स्तर पर भेजी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी का कनेक्शन अनिवार्य

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भवन के अंदर तक पानी का कनेक्शन हो। जहां कनेक्शन नहीं है, वहां तुरंत अनुमान तैयार कर काम कराया जाए। जरूरत पड़ने पर सीएसआर या अन्य योजनाओं से भी सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।
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पंचायतों को सौंपी जा रहीं जल योजनाएं

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अब तक जिले के 65 गांवों में पेयजल योजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है। इन योजनाओं के तहत हर घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है और पंचायतें इनके संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का हैंडओवर किया जा चुका है उनकी दोबारा जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी घरों में कनेक्शन सही तरीके से काम कर रहे हैं और पानी की आपूर्ति नियमित हो रही है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के बैंक खातों, ऑपरेटरों के वेतन, बिजली बिल भुगतान और जल योजनाओं के रखरखाव की भी समीक्षा की गई।
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