मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तिगांव और पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में करीब तीन-तीन स्टाफ नर्स और करीब तीन-तीन चिकित्सकों की कमी बताई जा रही है। पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ नहीं होने से मरीजों को समय पर उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आसपास के गांवों और कॉलोनियों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। चिकित्सकों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मरीज अनीता और रमणिक का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराया जाए, ताकि मरीजों को उनके क्षेत्र में ही बेहतर उपचार मिल सके।
मरीज निजी अस्पतालों पर निर्भर
तिगांव निवासी सुशील और जोगेंद्र का कहना है कि फिलहाल कई मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ रहा है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से तिगांव और पाली सीएचसी में रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तभी मिल सकेगा, जब अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध होगा। लोगों ने विभाग से जल्द नियुक्तियां कर स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग से स्टाफ नर्स और चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर मांग की गई है। जल्द ही चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जिसके बाद मरीजों को राहत मिलेगी। -डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी